Ranchi: आदिम जनजाति बिरहोर (PVTG) समुदाय की बेटियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें रोजगारपरक कौशल से लैस करने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है. द कॉर्डिनेशन – जीवन प्रगति रथ के तत्वावधान में बुंडू प्रखंड के अमानबुरु गांव से बिरहोर छात्राओं के लिए कंप्यूटर एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई.
दो छात्राओं का कंप्यूटर एकेडमी में नामांकन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बुंडू प्रखंड प्रमुख फेकला गोंझू ने बिरहोर छात्राओं शुक्रु बिरहोर और कांति बिरहोर का जीनियस कंप्यूटर एकेडमी, बुंडू में नामांकन कराया. इस दौरान उन्होंने छात्राओं के प्रवेश फॉर्म भरवाए, आधार कार्ड एवं शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कराईं और प्रवेश रसीद सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.
कंप्यूटर, DTP और TALLY का मिलेगा प्रशिक्षण
सामाजिक कार्यकर्ता प्रसेनजीत कुमार बिद ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बिरहोर छात्राओं को कंप्यूटर, DTP और TALLY जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसका उद्देश्य छात्राओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार और बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है.
तकनीकी शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आदिम जनजाति की बेटियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का यह प्रयास उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा. उनका मानना है कि यह पहल न केवल बिरहोर समुदाय की छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि समाज के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी.
