Chaibasa: जिला मुख्यालय चाईबासा में मंगलवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला परिवहन विभाग की वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक ने अचानक आत्मदाह करने का प्रयास किया. गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद सड़क सुरक्षा टीम और पुलिस बल के जवानों ने गजब की फुर्ती और सूझबूझ दिखाई, जिससे एक बेहद दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को हिरासत में ले लिया है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जिला परिवहन विभाग की टीम मंगलवार देर शाम स्थानीय पोस्ट ऑफिस चौक पर सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी. खुद जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार अपनी टीम के साथ वहां मौजूद थे. इसी दौरान मनीष पूर्ति नाम का एक युवक अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से वहां से गुजरा. मनीष ने हेलमेट नहीं पहन रखा था. नियमों का उल्लंघन देख चेकिंग टीम ने उसे रुकने का इशारा किया.
जब परिवहन विभाग की टीम और पुलिसकर्मी मनीष को रोककर उससे पूछताछ कर रहे थे और बिना हेलमेट गाड़ी चलाने को लेकर कागजात की मांग कर रहे थे, तभी वह अचानक बेहद आक्रोशित हो उठा. उसने पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी. बहस के दौरान ही युवक ने पलक झपकते ही अपने पास रखी एक बोतल निकाली, जिसमें पेट्रोल भरा था. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने पूरी बोतल का पेट्रोल अपने शरीर पर उड़ेल लिया और जेब से लाइटर निकाल लिया.
पुलिस की सूझबूझ से बची युवक की जान
युवक को खुद पर पेट्रोल छिड़कते देख वहां मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. जैसे ही मनीष ने खुद को आग लगाने के लिए लाइटर जलाने की कोशिश की, मौके पर तैनात सड़क सुरक्षा टीम और पुलिस के जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उस पर छलांग लगा दी. जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे चारों तरफ से दबोच लिया और उसके हाथ से लाइटर छीन लिया. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से युवक खुद को आग नहीं लगा पाया और उसकी जान सुरक्षित बचा ली गई.
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