Ranchi: झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. नियुक्ति मिलने के बाद भी कई सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) ड्यूटी पर नहीं पहुंचे. अब स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने ऐसे 12 डॉक्टरों की नौकरी रद्द करने की तैयारी कर ली है. विभाग के अवर सचिव आनंद कुमार सिन्हा ने सूची जारी कर संबंधित डॉक्टरों को अंतिम चेतावनी दी है. साफ कहा गया है कि तय समय तक जवाब नहीं देने पर नियुक्ति अधिसूचना विलोपित कर दी जाएगी.
2025-26 में मिली थी नियुक्ति
विभाग के अनुसार अधिसूचना संख्या-364(9) दिनांक 18 जून 2026 और 165(9) दिनांक 18 मार्च 2026 के तहत इन डॉक्टरों की बहाली हुई थी. पदस्थापन भी विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में कर दिया गया था, लेकिन लंबे समय तक इंतजार के बावजूद इन्होंने योगदान नहीं दिया. लापरवाह डॉक्टरों को 28 जुलाई 2026 तक का आखिरी मौका दिया गया है. उन्हें अपने दस्तावेजों के साथ विभागीय ईमेल या सीधे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा. समय सीमा पार होने के बाद कोई दावा स्वीकार नहीं होगा.
इन 12 डॉक्टरों की नियुक्ति होगी रद्द, देखें पूरी सूची
- MGM चिकित्सा महाविद्यालय, जमशेदपुर: दंत रोग विभाग के डॉ. रोहित.
- शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय, धनबाद: टीबी एंड चेस्ट विभाग के डॉ. मनीष कुमार मुण्डा.
- रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. अभिषेक जयसवाल और निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग के डॉ. विनीत गर्ग.
- शेख भिखारी चिकित्सा महाविद्यालय, हजारीबाग: निश्चेतना विभाग के डॉ. कार्तिक चन्द्र बेसरा.
- मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय, पलामू: माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. अविनाश कुमार.
- औषधि (मेडिसिन) विभाग के डॉ. कुणाल राज और मनोरोग रोग विभाग की डॉ. प्रिथा रॉय.
- फुलो-झानों चिकित्सा महाविद्यालय, दुमका: औषधि विभाग के डॉ. शिवशंकर मुण्डा, डॉ. संदीप मारकुस, अस्थि रोग विभाग के डॉ. लाल बहादुर प्रसाद और शिशु रोग विभाग के डॉ. तरुण कुमार.
