बेरमो: जरंगडीह रेलवे साइडिंग में ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान के दौरान CISF टीम पर कोयला चोरों का हमला, ASI गंभीर रूप से घायल

Bermo: बेरमो कोयला क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल के बीएंडके एरिया स्थित जरंगडीह रेलवे साइडिंग में अवैध कोयला चोरी रोकने पहुंची केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा...

कोयला चोरों के हमले में घायल CISF जवान
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Bermo: बेरमो कोयला क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल के बीएंडके एरिया स्थित जरंगडीह रेलवे साइडिंग में अवैध कोयला चोरी रोकने पहुंची केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीम पर कोयला तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया. लगभग 50 की संख्या में पहुंचे हथियारबंद और मुंह ढंके चोरों ने जवानों पर जमकर पथराव किया, जिसमें CISF के ASI यूसी मार्डी गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके सिर में गंभीर चोट आई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद ढोरी केंद्रीय अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया है. इस हमले में कुछ अन्य जवानों को भी हल्की चोटें आई हैं.

‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान के तहत चल रही थी कार्रवाई

घटना के संबंध में CISF की ओर से बोकारो थर्मल थाना में मंगलवार की रात प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस मामले की सघन जांच और आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई है. यह पूरी कार्रवाई भारत सरकार की “जीरो कोल लीकेज” नीति एवं MMDR एक्ट के तहत सुरक्षा बलों को मिले विशेष कानूनी अधिकारों के तहत की जा रही थी. इसके अंतर्गत CISF करगली द्वारा बीएंडके और ढोरी एरिया में अवैध कोयला खनन, भंडारण और तस्करी के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में CISF को गुप्त सूचना मिली थी कि तस्करों का एक बड़ा गिरोह जरंगडीह रेलवे साइडिंग में कोयला चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला है. सूचना के आधार पर CISF की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर पहले से ही मोर्चा संभाल लिया था.

पथराव के बाद तस्कर मौके से फरार

रात करीब एक बजे जब तस्कर रेलवे साइडिंग में घुसकर कोयला चोरी करने लगे, तो जवानों ने उन्हें ललकारते हुए आत्मसमर्पण करने को कहा. कानून के शिकंजे से बचने के लिए तस्करों ने जवानों पर अचानक पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें ASI मार्डी लहूलुहान होकर गिर पड़े. इसके बाद मौके पर तुरंत अतिरिक्त बल को बुलाया गया और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया. CISF की जवाबी घेराबंदी और कड़ा रुख देखकर सभी कोयला चोर फरार हो गए. सूत्रों के अनुसार, ये तस्कर साइडिंग से कुछ दूरी पर अपने वाहन खड़े रखते हैं और चोरी किए गए कोयले को पहले एक जगह एकत्र कर बाद में अवैध डिपो तक पहुंचाते हैं.

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विशेष अभियान रहेगा जारी

CISF करगली के कमांडेंट राज प्रताप सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट अभिलाष गारा और इंस्पेक्टर एसआर नायक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी व जवान कर रहे हैं. गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट के तहत CISF को दिए गए विशेष अधिकारों और कड़े निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से कोयला माफियाओं की कमर टूट गई है. राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा और अवैध तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा चलाया जा रहा यह सघन अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा.

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