Ranchi: झारखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत दुधारू पशुओं की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं को परिवहन के दौरान होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है. DGP कार्यालय की ओर से इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी कर संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. यह पत्र IG (अभियान), झारखंड द्वारा रांची, धनबाद के एसएसपी और हजारीबाग, गिरिडीह व चतरा के एसपी को भेजा गया है.
क्या है पूरा मामला ?
झारखंड राज्य पशु विक्रेता संघ के अध्यक्ष महाबीर सिंह यादव द्वारा नौ फरवरी 2026 को पुलिस विभाग को एक शिकायत पत्र (पत्रांक-1052) सौंपा गया था. इस पत्र में शिकायत की गई थी कि राज्य में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों के लिए दुधारू पशुओं की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं को रास्ते में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जब ये आपूर्तिकर्ता दूसरे राज्यों से उन्नत नस्ल के दुधारू पशु खरीदकर झारखंड लाते हैं, तो परिवहन के दौरान पुलिस और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है.
इन रास्तों से होता है पशुओं का परिवहन
– सरकारी पत्र के अनुसार, गव्य विकास निदेशालय द्वारा चयनित लाभार्थियों के लिए दुधारू पशुओं की खरीद मुख्य रूप से पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध पशु मंडियों से की जाती है.
– उत्तर प्रदेश की मंडियां: अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया (बसिया पशु मेला/फैजाबाद पशु मंडी) और गोरखपुर की छबिया पशु मेला हाट से दुधारू पशु खरीदे जाते हैं
– बिहार का रूट: उत्तर प्रदेश से खरीदे गए इन पशुओं को परिवहन के माध्यम से बिहार के बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और जमुई जिलों के रास्ते झारखंड की सीमा में प्रवेश कराया जाता है.
– झारखंड के प्रभावित जिले: बिहार के रास्ते होते हुए ये पशु झारखंड के चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद और रांची जिलों में लाए जाते हैं.
– आपूर्तिकर्ताओं की इस गंभीर समस्या को देखते हुए आईजी अभियान ने रांची,धनबाद के एसएसपी और हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा के एसपी को प्रासंगिक पत्र की प्रति संलग्न करते हुए आवश्यक और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि सरकारी योजना के तहत लाए जा रहे पशुओं के परिवहन में कोई बाधा न आए.
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