Hazaribagh: केरेडारी प्रखंड के पेटो पंचायत अंतर्गत भदईखाप स्थित 2.2 कोल ट्रांसपोर्टिंग सड़क पर बुधवार को आठ सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया. सैकड़ों की संख्या में जुटे महिला-पुरुष ग्रामीणों ने एनटीपीसी और सीबीकेडी कोल परियोजना के खिलाफ धरना देते हुए कोयला ढुलाई में लगे हाइवा वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया. आंदोलन के कारण सड़क पर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई और कोयला परिवहन घंटों बाधित रहा.
मांगों पर अड़े ग्रामीण, कंपनी प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
सुबह करीब 10 बजे से ग्रामीण धरना स्थल पर जुटने लगे थे. प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. ग्रामीणों का आरोप है कि कोल परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. परियोजना से होने वाले प्रदूषण और भारी वाहनों के परिचालन से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
विधायक और जिला परिषद सदस्य ने दिया समर्थन
धरना स्थल पर पहुंचे बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी ने आंदोलनरत ग्रामीणों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की जायज मांगों की अनदेखी नहीं की जा सकती. कंपनियों को स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए समस्याओं का समाधान करना चाहिए. वहीं केरेडारी जिला परिषद सदस्य अनीता सिंह ने भी ग्रामीणों की मांगों को उचित बताते हुए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से जल्द समाधान निकालने की अपील की.
अंचल अधिकारी ने ग्रामीणों से की बातचीत
धरना की सूचना मिलने के बाद केरेडारी अंचल अधिकारी बिपिन चंद्रा विश्वास मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की. उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. हालांकि खबर लिखे जाने तक धरना जारी था और कोयला परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा.
ग्रामीणों ने रखीं आठ प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने मांग की कि ट्रांसपोर्टिंग सड़क के दोनों ओर किसानों की फसल क्षति का बकाया मुआवजा तत्काल दिया जाए. भारी वाहनों के लिए सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक नो-एंट्री नियम लागू करने, सड़क चौड़ीकरण, जाम की समस्या का स्थायी समाधान और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई. इसके अलावा पेटो पंचायत के सभी 12 वार्डों में पांच-पांच डीप बोरिंग कराने, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सोलर आधारित पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने, बेरोजगार युवाओं को परियोजना में रोजगार देने, प्रदूषण प्रभावित परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और विकास कार्यों में विस्थापित एवं प्रभावित किसान-मजदूर संघ की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग रखी गई.
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया राजकिशोर यादव, प्रीतम साहू, महावीर साव, रामेश्वर साव, उपेंद्र रजक, धर्मदेव सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे.
