स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के कोल स्टॉक से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर कोयले की लूट, प्रबंधन और सुरक्षा पर उठे सवाल

Bermo: बेरमो अनुमंडल के सीसीएल कथारा एरिया के अंतर्गत स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के कोल स्टॉक से इन दिनों आपसी मिलीभगत और ’सेटिंग’ के...

Bermo: बेरमो अनुमंडल के सीसीएल कथारा एरिया के अंतर्गत स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के कोल स्टॉक से इन दिनों आपसी मिलीभगत और ’सेटिंग’ के जरिए व्यापक पैमाने पर कोयला चोरी का खेल चल रहा है. आलम यह है कि हर रात सैकड़ों की संख्या में मौजूद कोयला चोरों के झुंड की उपस्थिति में हॉलपेक से कीमती कोयला गिराया जाता है, जिसे चोर आसानी से अपनी बाइकों पर लादकर पार कर देते हैं.

रात में होता है कोयला लूट, प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप

इस अवैध कारोबार से सीसीएल को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है. स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि दिन के समय, जब लोकल सेल के वाहनों को कोयला उपलब्ध कराने की बारी आती है, तब प्रबंधन कोल स्टॉक में महज खानापूर्ति के लिए कुछ ही हॉलपेक कोयला गिरवाता है. जिसमें अधिकतर केवल कोयले का चूरा होता है. इसके ठीक विपरीत, शाम ढलते ही जब सैकड़ों चोर बाइकों के साथ स्टॉक पर डेरा डाल देते हैं, तब हॉलपेक से अच्छी गुणवत्ता वाला ’स्टीम कोयला’ गिराया जाता है. बड़े टुकड़ों वाला यह कोयला चोरों के लिए बोरों में भरकर ले जाना काफी आसान होता है. हैरानी की बात यह है कि कोल स्टॉक तक पहुंचने के दोनों रास्तों पर बैरिकेडिंग लगी है और सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, फिर भी रात भर कोयला चोरों की आवाजाही बेरोकटोक जारी रहती है. सुरक्षा विभाग द्वारा इस चोरी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के बजाय महज कागजी खानापूर्ति की जा रही है.

सुरक्षा गार्ड झाड़ लेते है पल्ला

सुरक्षा गार्डों द्वारा स्थानीय थाने में चोरी की सूचना दर्ज कराकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है. इस पूरे प्रकरण में सुरक्षा इंचार्ज नुरुल होदा और प्रदीप महतो की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस संबंध में सुरक्षा इंचार्ज नुरुल होदा का कहना है कि रात में पेट्रोलिंग टीम तैनात रहती है, लेकिन 200 से 300 की संख्या में आने वाले चोरों का विरोध करने पर वे सुरक्षाकर्मियों पर पथराव और मारपीट करते हैं. हाल ही में एक ऐसी ही घटना में वह स्वयं भी घायल हुए थे. उन्होंने रात में कोल स्टॉक में कोयला गिराने के निर्णय को पीओ और मैनेजर का हिस्सा बताया.

क्या कहा प्रोजेक्ट अफसर ने

परियोजना के पीओ एके तिवारी ने स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में आने वाले चोर सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर चोरी की घटना को अंजाम देते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि कोयला चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अब रात के बजाय दिन में ही कोयले का गिराव कराया जाएगा और क्षेत्र में पेट्रोलिंग भी बढ़ाई जाएगी.

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