Bokaro: बोकारो की विधायक श्वेता सिंह ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित 6, कुशक रोड पर केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से मुलाकात कर बोकारो के औद्योगिक विकास, रोजगार, विस्थापितों के अधिकार, श्रमिक कल्याण, स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत संरचना से जुड़ा 13 सूत्री विस्तृत ज्ञापन सौंपा. विधायक ने कहा कि बोकारो ने देश के औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है और अब समय आ गया है कि विकास का न्यायपूर्ण लाभ यहां के विस्थापितों, युवाओं और श्रमिकों तक भी पहुंचे.
विधायक द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें
13 सूत्री मांगों में शहीद प्रेम महतो के आश्रित को SAIL में स्थायी नियोजन, विस्थापित परिवारों के लिए चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में आरक्षण, स्थानीय युवाओं के लिए प्रतिवर्ष नियमित अप्रेंटिसशिप एवं आयु सीमा में वृद्धि, प्लांट विस्तार के बाद होने वाली नई नियुक्तियों में स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता, प्रस्तावित 40% संविदा कर्मियों की कटौती वापस लेने तथा संविदा कर्मियों के वेतन भुगतान एवं श्रम अधिकारों की सुरक्षा शामिल है. इसके अलावा स्थायी कर्मचारियों के 39 माह के लंबित वेतन एरियर एवं वेतन पुनरीक्षण का शीघ्र निष्पादन, बोकारो एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवाओं का शीघ्र संचालन, बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में विकसित करना तथा ESIC अस्पताल की स्थापना में तेजी, विस्थापित गांवों के लिए विशेष CSR विकास योजना लागू करना और जनहित की परियोजनाओं के लिए SAIL NOC समयबद्ध जारी करने की मांग रखी गई. विधायक ने औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण एवं नियमित सुरक्षा ऑडिट, सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं दिवंगत कर्मियों के आश्रितों के लंबित मामलों का मानवीय आधार पर समाधान तथा अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) परियोजना की बाधाएं दूर कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने की मांग भी रखी.
दो घंटे के भीतर SAIL चेयरमैन के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक
केंद्रीय इस्पात मंत्री ने विधायक के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मात्र दो घंटे के भीतर SAIL के चेयरमैन के साथ उच्चस्तरीय बैठक सुनिश्चित कराई, जिसमें इन सभी विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई. विधायक श्वेता सिंह ने इस त्वरित पहल के लिए केंद्रीय इस्पात मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बोकारो स्टील प्लांट विस्तार को मिली स्वीकृति के बाद अब रोजगार, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और विस्थापितों के अधिकारों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान भी उतनी ही प्राथमिकता से होना चाहिए. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन मांगों के क्रियान्वयन से बोकारो केवल इस्पात नगरी ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के सबसे बड़े औद्योगिक, निवेश एवं रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित होगा. बैठक के दौरान झारखंड सरकार के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव भी उपस्थित रहे.
