पारसनाथ की तराई के गांवों को मिली विकास की सौगात, पैदल पहुंचे डीसी ने सौंपा सड़क निर्माण का स्वीकृति पत्र

Giridih: पारसनाथ पर्वत की तराई में बसे मधुबन पंचायत के दर्जनों गांवों और टोलों के लोगों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक...

गिरिडीह के ग्रामीणों को सड़क निर्माण का स्वीकृति पत्र
गिरिडीह के ग्रामीणों को सड़क निर्माण का स्वीकृति पत्र

Giridih: पारसनाथ पर्वत की तराई में बसे मधुबन पंचायत के दर्जनों गांवों और टोलों के लोगों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ. वर्षों से सड़क सुविधा के अभाव में कठिन जीवन जी रहे ग्रामीणों को आखिरकार राहत की सौगात मिल गई. उपायुक्त रामनिवास यादव अधिकारियों की टीम के साथ पैदल गांव पहुंचे और ग्रामीणों को दो महत्वपूर्ण पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं का स्वीकृति पत्र सौंपा. सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने की खबर से पूरे इलाके में खुशी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू तथा उपायुक्त रामनिवास यादव के प्रति आभार व्यक्त किया.

पारसनाथ की तराई में स्थित मधुबन पंचायत के लगभग 10 से 12 टोले लंबे समय से सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे. बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते थे. कच्चे और पथरीले रास्तों के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित होता था. सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ती थी. कई बार गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट या चारपाई पर कई किलोमीटर तक ढोकर ले जाना पड़ता था. इस समस्या की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में पहल की.

पेड़ की छांव में ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए डीसी

ग्रामीणों के बीच पेड़ की छांव में आयोजित बैठक के दौरान उपायुक्त ने लोगों की समस्याएं विस्तार से सुनीं. इस दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई. बैठक में एसआईआर (Special Intensive Revision) से जुड़े विषयों पर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई और प्रशासन की ओर से आवश्यक जागरूकता संदेश दिए गए. उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि मधुबन पंचायत के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. पहली योजना पिपराडीह से दलुआडीह तक पीसीसी सड़क निर्माण की है, जिसकी अनुमानित लागत 88.62 लाख रुपये है. इस योजना में सड़क के साथ आवश्यक पुलिया का निर्माण भी कराया जाएगा, जिससे बरसात के दिनों में आवागमन बाधित नहीं होगा.

वहीं दूसरी योजना कोठटांड से वाइल्ड लाइफ सीमा तक पीसीसी सड़क निर्माण की है, जिसकी लागत 39.57 लाख रुपये निर्धारित की गई है. दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य एनईआरपी (NERP) एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा. उपायुक्त ने बताया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके.

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सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगी नई राह

ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग वे कई वर्षों से कर रहे थे, लेकिन अब जाकर उनकी उम्मीदें पूरी हुई हैं. उनका कहना है कि सड़क बनने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों में काफी सुधार होगा. स्थानीय किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, वहीं स्कूली बच्चों और मरीजों को भी राहत मिलेगी. प्रशासन का मानना है कि इन दोनों योजनाओं के पूरा होने के बाद पारसनाथ की तराई में बसे हजारों लोगों का जीवन आसान होगा. सड़क संपर्क बेहतर होने से विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा. वर्षों से विकास की राह देख रहे इन गांवों के लिए यह पहल एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

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