Seraikela: जिले में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ महाप्रभु, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की रथ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सजे-धजे भव्य रथों पर सवार होकर प्रभु मौसीबाड़ी के लिए रवाना हुए. इस दौरान पूरा क्षेत्र “जय जगन्नाथ, जय बलभद्र, जय सुभद्रा” के जयकारों से गूंज उठा.
चांडिल में निकली तीन भव्य रथ यात्राएं
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में रथ यात्रा का विशेष आकर्षण देखने को मिला. चांडिल बांध मटिया से जुना अखाड़ा के महंत विद्यानंद सरस्वती जी और बांध मटिया के महंत इंद्रानंद जी के सानिध्य में तीन अलग-अलग रथ निकाले गए. रथ यात्रा चांडिल बाजार होते हुए चांडिल रेलवे स्टेशन तक पहुंची, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए. पूरे रास्ते भजन-कीर्तन, शंख ध्वनि और ढोल-नगाड़ों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा.
सात दिनों बाद होगी भगवान की वापसी
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा सात दिनों तक मौसीबाड़ी में विश्राम करेंगे. इसके बाद वे पुनः अपने मूल धाम लौटेंगे, इसी परंपरा को निभाते हुए हर वर्ष जिले में भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है.
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
रथ यात्रा के अवसर पर समाजसेवी और ईचागढ़ विधायक सविता महतो, पूर्व विधायक हरेलाल महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे. प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का प्रतीक
श्रद्धालुओं का कहना है कि रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक एकता, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक भी है. हर साल इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर अपनी आस्था और भक्ति का प्रदर्शन करते हैं.
