Hazaribagh: बड़कागांव प्रखंड के बालेदवरी गांव में एनटीपीसी परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान को लेकर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर ग्रामीणों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित की गई. बैठक में विस्थापन, पुनर्वास और ग्रामीणों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई.
ग्रामीणों की मांग पर सांसद ने कराई पहल
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि अपने पूर्व के बालेदवरी दौरे के दौरान ग्रामीणों ने एनटीपीसी परियोजना से जुड़े विस्थापन के मुद्दे पर अपनी चिंताओं और मांगों से उन्हें अवगत कराया था. ग्रामीणों ने प्रबंधन के साथ वार्ता कराने का आग्रह किया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच यह सार्थक संवाद कराया गया.
एक साथ बसाने की ग्रामीणों ने रखी मांग
बैठक में ग्रामीणों ने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि पूरे बालेदवरी गांव का एक साथ विस्थापन किया जाए और सभी परिवारों को एक ही स्थान पर “न्यू बालेदवरी” के नाम से सामूहिक रूप से बसाया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव की सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक एकता बनी रहेगी. इसके अलावा पुनर्वास और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें भी ग्रामीणों ने प्रबंधन के सामने रखीं.
ग्रामीणों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं सांसद
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वे ग्रामीणों की भावनाओं और हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि एनटीपीसी प्रबंधन ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक पहल करेगा.
न्यायसंगत समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद
सांसद ने कहा कि विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मामलों का समाधान प्रभावित ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें उचित सुविधाएं मिल सकें और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके. इस अवसर पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, बेलतू मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह सहित ग्रामीण और एनटीपीसी के अधिकारी उपस्थित रहे.
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