Hazaribagh: सौंदा डीह में प्रस्तावित नई कोलियरी को लेकर संभावित विस्थापन के मुद्दे पर रांची में CCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक और उनकी टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में सौंदा डीह के ग्रामीणों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताओं और मांगों को विस्तार से रखा. बैठक को सकारात्मक बताते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि CCL ग्रामीणों पर किसी प्रकार की जोर-जबरदस्ती कर विस्थापन नहीं करेगी और सभी निर्णय आपसी सहमति से लिए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी स्तर पर ग्रामीणों के साथ जबरन विस्थापन का प्रयास किया जाता है तो वे पूरी मजबूती से ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे.
ग्रामीणों की सहमति को प्राथमिकता देने पर जोर
बैठक में ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी आशंकाएं रखीं. इस दौरान सीसीएल प्रबंधन के समक्ष यह मांग रखी गई कि बिना ग्रामीणों की सहमति के किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए. इस पर सकारात्मक चर्चा हुई और दोनों पक्षों ने आपसी संवाद बनाए रखते हुए समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही.
बैठक में CCL के नईसराय और भुरकुंडा स्थित अस्पतालों के आधुनिकीकरण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों के अपग्रेडेशन की मांग की.
हीरक रोड निर्माण और वाशरियों को फिर से शुरू करने पर चर्चा
क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए हीरक रोड के निर्माण पर भी विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा गीद्दी वाशरी एवं बसंतपुर वाशरी को पुनः चालू करने तथा CCL की बंद पड़ी कोलियरियों को दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया. प्रतिनिधियों का कहना था कि इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
बैठक में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, सांसद प्रतिनिधि सत्येन्द्र नारायण सिंह, सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडे, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, पंचायत बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष सह मुखिया उपेंद्र शर्मा, सचिव संजय यादव, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि डब्ल्यू पांडेय, उपमुखिया संजय भारती, अशोक शर्मा, संतोष कुमार शर्मा, राकेश सिन्हा, राजगिरी चौधरी, सुशील सिंह, गुरुदयाल ठाकुर, दीपक कुमार, विजय घांसी, बलराम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
सहमति और संवाद से समाधान की उम्मीद
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि CCL प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच संवाद के माध्यम से ऐसा समाधान निकलेगा, जिसमें विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों की भी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
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