Newswave Desk: संसद का मानसून सत्र आज (20 जुलाई) से शुरू हो रहा है और यह 13 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान सरकार कई अहम बिल पेश करेगी. इनमें इनकम टैक्स संशोधन बिल, 2026 और MSME डेवलपमेंट (संशोधन) बिल, 2026 सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इन प्रस्तावित बदलावों का असर विदेशी निवेश, छोटे कारोबारियों और देश के कारोबारी माहौल पर पड़ सकता है.

सरकार इनकम टैक्स संशोधन बिल, 2026 पेश करेगी. इसके तहत सरकारी बॉन्ड (Government Securities) में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को ब्याज और कैपिटल गेन्स पर इनकम टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव है. सरकार का मानना है कि इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा, सरकारी बॉन्ड बाजार मजबूत होगा और रुपये पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलेगी. पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन में रुकावटों की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा है. ऐसे में सरकार ज्यादा विदेशी निवेश आकर्षित करना चाहती है.
MSME कारोबारियों को मिल सकती है राहत
सरकार MSME डेवलपमेंट (संशोधन) बिल, 2026 भी पेश करेगी. इसका उद्देश्य छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए कारोबार करना आसान बनाना है. इसके तहत नियमों को सरल बनाने और भरोसे पर आधारित व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है. नए बिल में MSME के बकाया भुगतान से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने का प्रस्ताव है, ताकि छोटे कारोबारियों को समय पर उनका पैसा मिल सके. साथ ही, विवादों के समाधान और मध्यस्थता से जुड़े फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने की व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी.
राज्यों को मिलेंगे ज्यादा अधिकार
प्रस्तावित संशोधन के तहत MSME से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए राज्य सरकारों को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे. इससे छोटे कारोबारियों से जुड़े मामलों का समाधान पहले की तुलना में जल्दी हो सकेगा. अगर ये दोनों बिल कानून बनते हैं, तो भारत में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान मिलने और कारोबार करने में आसानी हो सकती है. इससे देश के कारोबारी माहौल को भी मजबूती मिलने की संभावना है.

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