Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के सहायक कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की रांची के मेडिका अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उनकी मौत के बाद रविवार को परिजनों ने बीजीएच में शव रखकर नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जताया. परिजनों का कहना है कि सुभाष की तबीयत ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी, इसलिए बीएसएल प्रबंधन को जिम्मेदारी लेते हुए मदद करनी चाहिए.
ड्यूटी के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर गए थे सुभाष
महेशपुर निवासी 53 वर्षीय सुभाष चंद्र मोदी के परिजनों के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को ड्यूटी के दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे. साथी कर्मचारियों ने तुरंत उनकी मदद की और प्लांट के अंदर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) में भर्ती कराया गया.

बेहतर इलाज के लिए कोलकाता और फिर रांची रेफर
बीजीएच के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के अपोलो अस्पताल रेफर किया था. कुछ दिनों तक इलाज चलने के बाद उन्हें वापस बीजीएच लाया गया. लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्हें रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
परिजनों ने बीएसएल प्रबंधन से मांगा न्याय
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना कार्यस्थल पर हुई और इलाज के दौरान उनकी मौत हुई है, इसलिए बीएसएल प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है. उन्होंने कंपनी से आश्रित को नौकरी, उचित मुआवजा और अन्य सामाजिक-आर्थिक सहायता देने की मांग की.
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है. फिलहाल मांगों को लेकर परिजन बीजीएच में डटे हुए हैं और प्रबंधन से बातचीत की कोशिश जारी है.
