Ranchi/Chaibasa: भारतीय जीवन बीमा निगम की चाईबासा शाखा से धोखाधड़ी के एक मामले में चाईबासा सिविल कोर्ट ने आरोपी पति-पत्नी को दोषी करार दिया है. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दीपक कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी सुनैना गुप्ता को दोषी करार दिया. न्यायालय ने दीपक कुमार गुप्ता को धारा 420/468 के तहत दो साल की जेल और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. इसके अलावा धारा 467/471 के तहत चार साल की जेल और पांच हजार रूपये जुर्माने की सजा दी गई है. वहीं सुनैना गुप्ता को धारा 471/467 के तहत दो साल की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली. वहीं धारा 420/468 के तहत एक साल की जेल और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई.
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क्या है पूरा मामला?
मामला साल 2017 का है. एलआईसी चाईबासा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक मणिशंकर प्रसाद के लिखित आवेदन पर सदर थाना में कांड संख्या 03/2017 के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था. धारा 467, 468, 471, 420 और 120बी के तहत दर्ज किया गया. अनुसंधान के दौरान चाईबासा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पुलिस ने मामले से जुड़े सभी सबूतों को वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा किया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.
