Hazaribagh : सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए NML केरेडारी कोयला खनन परियोजना में खदान में संभावित जलभराव आपदा से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया. अभ्यास के दौरान खदान में फंसे 16 कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न एजेंसियों ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और प्रभावी आपदा प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन किया. परियोजना प्रमुख अरुण कुमार सक्सेना के नेतृत्व तथा NDRF के उप कमांडेंट विनय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास का संचालन राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, रांची ने किया. अभ्यास में खदान में अचानक जलभराव की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसके बाद नियंत्रण कक्ष से सूचना मिलते ही एम्बुलेंस, अग्निशमन दल और बचाव टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं.
NDRF के नेतृत्व में सभी एजेंसियों का शानदार समन्वय
NDRF टीम कमांडर सूरज कुमार (निरीक्षक) तथा अंचल अधिकारी विपिन चंद्र विश्वास के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में NDRF, परियोजना की आंतरिक सुरक्षा टीम, CISF, NTPC प्रशासन, BGR, CCL की चंद्रगुप्त परियोजना, अग्निशमन दल तथा केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई. इस दौरान CISF ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्रवाई का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला.
आपदा के समय त्वरित कार्रवाई का दिया संदेश
अभ्यास के बाद NDRF टीम कमांडर सूरज कुमार ने कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना और वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी सहभागी संस्थाओं की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की. रेस्क्यू अभ्यास के समापन के बाद NDRF की टीम ने जल में डूबने जैसी आपात स्थितियों में स्वयं की सुरक्षा, प्रारंभिक बचाव उपायों तथा प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया. इससे परियोजना के कर्मियों को आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी मिली.
जीरो एक्सीडेंट रिकॉर्ड बरकरार रखने की प्रतिबद्धता
NML केरेडारी ने एक बार फिर यह साबित किया कि सुरक्षा उसके कार्य संचालन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. स्थापना काल से शून्य दुर्घटना का रिकॉर्ड बनाए रखने वाली परियोजना नियमित प्रशिक्षण, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी आपदा प्रबंधन प्रणाली के जरिए सुरक्षित कार्य संस्कृति को लगातार सुदृढ़ कर रही है. अभ्यास के समापन पर आईएसओ ऑब्जर्वर एवं सुरक्षा विभागाध्यक्ष वी.सी. दुबे, खान अभिकर्ता यू. सदानंद चारी और खान प्रबंधक संजय कुमार मोहंती ने सभी सहभागी एजेंसियों, अधिकारियों और कर्मियों को सफल आयोजन, उत्कृष्ट समन्वय और सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी सुरक्षा के प्रति इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया.
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