Giridih : पारसनाथ जोन में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमेटी सदस्य अनिता किरस्कू उर्फ बबिता ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति “नई दिशा-एक नई पहल” से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी अभिनव आनन्द और अपर पुलिस अधीक्षक सुरजीत कुमार के समक्ष पुलिस केंद्र गिरिडीह में आत्मसमर्पण कर दिया. बोकारो जिले की रहने वाली बबिता की उम्र करीब 30 वर्ष है और वह चौथी कक्षा तक पढ़ी है. वह पारसनाथ जोन, लुगु पहाड़ी, झुमरा पहाड़ी और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रही है. बबिता 25 लाख रुपये के इनामी सैक कमांडर अजय महतो उर्फ टाइगर की पत्नी है, जिसे तीन दिन पहले ही गिरिडीह पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
2009 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान संगठन के संपर्क में आई थी
बबिता ने बताया कि वह 2009 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान संगठन के संपर्क में आई थी और 2017 में अजय महतो से जंगल में शादी की थी. संगठन में रहते हुए उसे लोगों में भय पैदा करने, लेवी वसूलने जैसे काम सौंपे गए थे.लेकिन धीरे-धीरे शीर्ष कमांडरों द्वारा किए जा रहे शोषण और ग्रामीणों के साथ अनावश्यक मारपीट से वह आहत हो गई. पति की गिरफ्तारी के बाद उसका मनोबल टूट गया और उसने संगठन छोड़ने का फैसला किया. बबिता के खिलाफ हत्या, लूट, विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए और आर्म्स एक्ट से जुड़े 15 मामले दर्ज हैं. एसपी डॉ बिमल कुमार ने कहा कि इस आत्मसमर्पण से गिरिडीह, बोकारो, कोल्हान और सिंहभूम में सक्रिय अन्य नक्सलियों का मनोबल कमजोर होगा. इससे पहले भी कई नक्सली इसी नीति के तहत आत्मसमर्पण कर चुके हैं. पुलिस ने सभी नक्सलियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है.
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