Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षाओं के नतीजों में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतों के बीच राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा रुख अपनाया है. बढ़ते प्रशासनिक दबाव और सीआईडी की हालिया कार्रवाई के बाद जेपीएससी के चेयरमैन एल. खियांग्ते ने मंगलवार की रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीआईडी द्वारा की गई हालिया छापेमारी के बाद यह फैसला सामने आया है, जिससे राज्य के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. 27 फरवरी 2025 को झारखंड लोक सेवा आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था. इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया कि हेमंत सरकार किसी भी कीमत पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी.
सीआईडी की टीम ने जेपीएससी कार्यालय समेत कई ठिकानों पर की थी छापेमारी:
परीक्षा परिणामों में कथित धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने मंगलवार की दोपहर में जेपीएससी कार्यालय और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी द्वारा अहम दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए जाने के बाद अध्यक्ष पर नैतिक और प्रशासनिक दबाव लगातार बढ़ रहा था.
परीक्षा एजेंसी TDPL के ठिकानों पर रेड, दफ्तर सील:
जेपीएससी कार्यालय खंगालने के बाद सीआईडी की टीम ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े परिसरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान पुलिस और सीआईडी ने एजेंसी से जुड़े तीन प्रमुख व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है. जांच टीम ने कार्रवाई के तुरंत बाद टीडीपीएल के कार्यालय को पूरी तरह से सील कर दिया है. छापेमारी के दौरान टीम के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। पुलिस ने मौके से पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी और कई गोपनीय दस्तावेज बरामद कर अपने कब्जे में ले लिए हैं.
असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता से पूछताछ:
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सीआईडी ने जेपीएससी की असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया. श्वेता गुप्ता के कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, 22 मई को श्वेता गुप्ता का तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में कर दिया गया था. इसके बावजूद उन्होंने दोबारा जेपीएससी में आकर कार्यभार संभाल लिया. आरोप हैं कि आयोग कार्यालय के कई अन्य कर्मचारियों को दरकिनार कर परीक्षा से जुड़े अधिकांश महत्वपूर्ण और संवेदनशील काम श्वेता गुप्ता के पास ही केंद्रित रखे गए थे. यद्यपि सीआईडी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि श्वेता गुप्ता को किस विशिष्ट मामले या बिंदु के तहत हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनसे गहन पूछताछ जारी है.
JPSC दफ्तर की घेराबंदी और हो सकते कई खुलासे:
इससे पहले सीआईडी और रांची पुलिस की भारी टीम ने जेपीएससी कार्यालय को चारों तरफ से घेरकर सघन जांच अभियान चलाया था. इस दौरान आयोग में मौजूद फाइलों, कंप्यूटर रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि टीपीडीएल दफ्तर से जब्त हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और डायरी के फोरेंसिक विश्लेषण तथा हिरासत में लिए गए लोगों की पूछताछ से इस पूरे कथित घोटाले में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीआईडी लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है.
