एक हत्या,13 गवाह, पुलिस के सबूत और 10 दोषी, पढ़िए एक्स्ट्रीम बार के DJ हत्याकांड के ट्रायल की पूरी कहानी

विनीत आभा उपाध्याय Ranchi: रांची के चर्चित एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल के डीजे संचालक संदीप कुमार प्रमाणिक उर्फ डीजे सांडी की...

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एक्स्ट्रीम बार के DJ हत्याकांड के ट्रायल की पूरी कहानी

विनीत आभा उपाध्याय

Ranchi: रांची के चर्चित एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल के डीजे संचालक संदीप कुमार प्रमाणिक उर्फ डीजे सांडी की हत्या के मामले में रांची के अपर न्यायिक आयुक्त-V शैलेंद्र कुमार की अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने मामले में नामजद सभी 10 आरोपियों अभिषेक सिंह उर्फ विक्की, प्रतीक सिंह, समीरुद्दीन उर्फ छोटू, सुमित कुमार उर्फ रॉबिंस, पंकज कुमार उर्फ सोनू, मृत्युंजय कुमार उर्फ मिथुन, दिवाकर उपाध्याय उर्फ देवा, प्रकाश कुमार, अशोक कुमार सिंह और आलोक दिवा उर्फ सेतु को गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है.

अदालत ने सभी दोषियों को 9-9 साल के सश्रम कारावास और कुल 75-75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. कोर्ट ने इस केस में 51 पन्नो का आदेश दिया है. इस केस के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष यानि पुलिस और मृतक के परिजनों की ओर से कुल 13 गवाहों को अदालत में पेश किया गया और उनके बयान दर्ज कराए गए. इन गवाहों में तुषार कांति दास (मामले के सूचक एवं बार के मैनेजर), सफ़ीर अहमद (बार का बाउंस), उदय शंकर सिंह, विशाल कुमार सिंह,आलोक कुमार पासवान (कांस्टेबल), मनवीर उरांव (कांस्टेबल), नितेश कुमार सिंह (कैश काउंटर स्टाफ), गोविंद कुमार सिंह (अकाउंटेंट), डॉ. मनोज कुमार कोराह (पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर), रीझा उरांव (हवलदार), भावेश कुमार (एस.आई). जिन्होंने कोर्ट में माल प्रदर्श प्रस्तुत किए), उमा शंकर (केस के प्रथम अनुसंधान अधिकारी) और लक्ष्मीकांत (केस के द्वितीय अनुसंधान अधिकारी) शामिल है.

अदालत में क्या-क्या सबूत पेश किए गए ?

अभियोजन पक्ष और पुलिस ने हत्या के अपराध को साबित करने के लिए दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक सबूतों की एक लंबी सूची अदालत में पेश की जिसमें हत्या की घटना का CCTV फुटेज और DVR कोर्ट में पेश किया गया. दस्तावेजी सबूत: एक्सट्रीम बार का गेस्ट एंट्री रजिस्टर भी कोर्ट में पेश किया गया जिसमें घटना की रात आरोपी अभिषेक सिंह का नाम दर्ज था. बैलिस्टिक जांच के लिए FSL की रिपोर्ट्स और घटना की रात सभी आरोपियों के आपस में लगातार संपर्क में रहने का कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी कोर्ट में साक्ष्य के रूप में पेश किया गया.

घटना में इस्तेमाल हुई 0.315 बोर की राइफल, 30 जिंदा कारतूस, चली हुई गोलियां और बुलेट का हिस्सा, और खाली खोके बरामद कर कोर्ट में पेश किए गए. अनुसंधान अधिकारी के बयान ने मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ा. उन्होंने कोर्ट में CCTV फुटेज विश्लेषण और CDR की पुष्टि की जिससे यह साबित हुआ कि विवाद के बाद आरोपियों ने रात में एक-दूसरे से बार-बार फोन पर बात की और वारदात के वक्त घटना स्थल पर मौजूद थे.

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