कोडरमा: मरकच्चो प्रखंड के जामु पंचायत अंतर्गत नादकरी गांव में मंगलवार रात अजमते वालिदेन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. जलसे की अध्यक्षता मौलाना कमरुद्दीन सकाफी ने की, जबकि संचालन मस्जिद के इमाम मौलाना ताज उद्दीन हसन ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज अरबाज आलम की तिलावते कुरआन और कोलकाता के मशहूर शायर दिलवर शाही की नाते पाक से हुई.
नशाखोरी और सामाजिक दूरी पर जताई चिंता
कॉन्फ्रेंस में शामिल इस्लामी धर्मगुरुओं ने समाज में बढ़ती नशाखोरी, आपसी बेरुखी और अच्छे संस्कारों से दूर होते माहौल पर चिंता जताई. वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इससे पूरी तरह दूर रहने की जरूरत है.
अमन, मोहब्बत और भाईचारे का दिया संदेश
पिरे तरीकत शहजादा नशीन हजरत अल्लामा मौलाना सय्यद शाह मोही उद्दीन अशरफ कचौछा शरीफ ने कहा कि इस्लाम का मूल संदेश अमन, मोहब्बत और भाईचारा है. उन्होंने लोगों से नफरत फैलाने वाली ताकतों से बचने और इस्लामी उसूलों पर चलने की अपील की.
मां-बाप की फरमाबरदारी पर दिया जोर
हजरत अल्लामा अतीक हबीबी अशरफी ने कहा कि हर हाल में माता-पिता की इज्जत और फरमाबरदारी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शादी से पहले और शादी के बाद भी माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करना जरूरी है. मां-बाप की दुआ को उन्होंने इंसान के लिए सबसे बड़ी नेमत बताया.
युवाओं को शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ने की अपील
वक्ताओं ने अभिभावकों से बच्चों को धार्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कार देने का आह्वान किया. वहीं युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की गई.
अमन और भाईचारे के लिए हुई दुआ
कार्यक्रम के अंत में देश और समाज में अमन, चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई. मरहूम हाजी अब्दुल हबीब के इसाले सवाब के साथ जलसा संपन्न हुआ. मौके पर रफीक अतारी, रियास्त अंसारी, अब्दुल रसीद, मंसूर, सोहराब, मोहसिन अंसारी, मौलाना महताब हुसैन, मौलाना गुलाम सरवर सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.
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