SIR-2026 अभियान: मतदाता सूची में गलत नाम और वर्तनी सुधारने की मांग, मानव अधिकार कार्यकर्ता ने लिखा DC को पत्र

Chakradharpur: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम, वर्तनी एवं पैरेंटल मैपिंग संबंधी त्रुटियों को लेकर मानव अधिकार...

SIR camps will be set up tomorrow at all urban booths in Ranchi, where voters will be able to submit enumeration forms.

Chakradharpur: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम, वर्तनी एवं पैरेंटल मैपिंग संबंधी त्रुटियों को लेकर मानव अधिकार कार्यकर्ता एवं अंजुमन इस्लामिया, चक्रधरपुर के सह सचिव बैरम खान ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है. इस पत्र की प्रतिलिपि भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड, प्रमंडलीय आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है.

गलत नाम को लेकर हो सकती है परेशानी 

अपने पत्र में बैरम खान ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें मतदाताओं अथवा उनके माता-पिता के नाम की वर्तनी वर्तमान सरकारी अभिलेखों, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खाती. कई मामलों में हिंदी एवं अंग्रेजी में अलग-अलग नाम दर्ज हैं, जबकि अनेक मामलों में माता या पिता का नाम ही गलत अंकित है. इससे पैरेंटल मैपिंग के दौरान तकनीकी असंगतियां उत्पन्न हो रही हैं और भविष्य में पात्र मतदाताओं को अनावश्यक सत्यापन, नोटिस अथवा अन्य प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

त्रुटियों का समय रहते सुधार करना जरूरी  

बैरम खान ने अपने पत्र में स्वयं का उदाहरण देते हुए उल्लेख किया है, कि उनके पिता का वास्तविक नाम जफरुल्लाह खान है, जबकि मतदाता सूची में जफखल्लाह खान दर्ज है. उन्होंने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि जिले में बड़ी संख्या में मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम अथवा उनके माता-पिता के नाम में वर्तनी संबंधी त्रुटियां मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि यदि इन त्रुटियों का समय रहते नियमानुसार सुधार नहीं किया गया, तो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों, आदिवासी, मूलवासी, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाओं, प्रवासी श्रमिक परिवारों तथा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के हजारों पात्र मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

BLO, BLA-2, ERO व AERO को दिए जाएं स्पष्ट निर्देश 

पत्र में जिला निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की गई है, कि सभी BLO, BLA-2, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि नाम एवं पैरेंटल मैपिंग संबंधी त्रुटियों का समयबद्ध एवं नियमानुसार सुधार सुनिश्चित हो सके. साथ ही केवल वर्तनी अथवा तकनीकी त्रुटि के आधार पर किसी भी पात्र मतदाता के विरुद्ध प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाए तथा किसी भी निर्णय से पूर्व संबंधित मतदाता को नियमानुसार सूचना एवं अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए. पत्र में जिला स्तर पर हेल्प डेस्क अथवा नोडल अधिकारी नियुक्त करने, व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व सभी वास्तविक त्रुटियों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है.

बैरम खान ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की आधारशिला है. केवल नाम या वर्तनी की छोटी-सी त्रुटि के कारण किसी भी पात्र नागरिक का संवैधानिक मताधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन इस जनहित के विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा.

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