Lohardaga: NEET समेत देश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जब संसद में छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बचती है, तब लोकतंत्र में सड़कें आवाज़ उठाने का माध्यम बन जाती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों युवाओं का भविष्य अनिश्चितता के भंवर में फंस गया है, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर संकट पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है. सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस लगातार नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रही है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार इस विषय पर चर्चा, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करते रहे हैं, लेकिन सरकार ने इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया.
देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित
उन्होंने कहा कि एक कहावत है, जब संसद चुप हो जाती है, या सत्ता मौन हो जाती है, तब सड़कें बोलने लगती हैं. यह कोई सामान्य मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है. सुखदेव भगत ने कहा कि जब सरकार विपक्ष की आवाज़ सुनने को तैयार नहीं होती, तब लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना विपक्ष की जिम्मेदारी बन जाती है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन का निर्णय किसी टकराव की राजनीति नहीं, बल्कि सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष के विरोध को टकराव के रूप में देखने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है. अंत में सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाए तथा छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ तत्काल बंद करे.
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