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Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों सियासत का मुख्य अखाड़ा बन चुकी है. नीट NEET पेपर लीक मामला और जेपीएससी JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है. एक तरफ जहां छात्र अपने भविष्य को बचाने के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे है, वहीं दूसरी तरफ सूबे के सियासी दल इस संवेदनशील मुद्दे पर भी अपनी रोटियां सेंकते नजर आ रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने तो थी ही, अब राष्ट्रीय जनता दल ने भी युवा राजद के बैनर तले ‘न्याय मार्च’ निकालकर इस दंगल में कूदने का ऐलान कर दिया है. हर दल छात्रों के भविष्य की ‘फिक्र’ का दिखावा कर रहा है, लेकिन असलियत यह है कि मैदान सजा हुआ है और हर कोई एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए लाठी-डंडों और झंडों के साथ तैयार बैठा है, आओ देखें जरा किसमें कितना है दम.

झंडे-डंडों से लैस सियासत, सड़कों पर उतरा शक्ति प्रदर्शन
राजधानी की सड़कों पर पिछले दो दिनों से सियासी घमासान चरम पर है. कल जहां कांग्रेस के कार्यकर्ता झंडे-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे थे, वहीं आज भाजपाई भी आक्रामक तेवर के साथ अपने प्रदेश कार्यालय के आस-पास जुट गए है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यालय के घेराव के ऐलान के बाद से ही सियासी तापमान और बढ़ गया है.

भाजपा कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई है. हवा में गूंजते नारे और कार्यकर्ताओं के हाथों में लहराते लाठी-डंडे इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि दोनों दल आर-पार की लड़ाई के मूड में है.भाजपा कार्यकर्ता भी कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक नारेबाजी कर रहे हैं. दोनों तरफ से शक्ति प्रदर्शन का ऐसा दौर चल रहा है. जहां हर दल अपनी ताकत का अहसास कराना चाहता है.

पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी
इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के चलते रांची का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हिंसक झड़प को रोकने के लिए भाजपा कार्यालय और संभावित विरोध प्रदर्शन के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स RAF को तैनात किया गया है. खुफिया एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि प्रदर्शन हिंसक रूप न ले सके.

सियासत की इस जंग में पिस रही आम जनता
इन बड़े राजनीतिक दलों की शक्ति प्रदर्शन की इस रस्साकशी में सबसे बुरी हालत राजधानी रांची की आम जनता की हो रही है. घेराव और प्रदर्शन के इस दौर ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के चलते शहर के मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई है. हर तरफ जाम ही जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों, दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आपातकालीन वाहन (जैसे एम्बुलेंस) भी इस जाम के जाल में फंस रहे हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आई है.

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