रांची: नगर निगम की जमीन और अन्य परिसंपत्तियों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. नगर निगम की कई महत्वपूर्ण संपत्तियां पिछले कई वर्षों में या तो निजी कब्जे में चली गईं या उन पर अवैध अतिक्रमण हो गया है. अब इन्हें वापस निगम के कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
ऑनलाइन बैठक में हुई समीक्षा
इसी मुद्दे को लेकर नगर निगम के प्रशासक ने अधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की. बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे ऐसी सभी जमीन और संपत्तियों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं, जिन पर फिलहाल अवैध कब्जा या अतिक्रमण है. अधिकारियों को इन परिसंपत्तियों की नई और विस्तृत सूची तैयार करने को कहा गया है.
अतिक्रमण हटाकर विकास कार्यों में होगा उपयोग
प्रशासक ने कहा कि जिन संपत्तियों पर अतिक्रमण किया गया है, उन्हें जल्द खाली कराया जाएगा. इसके बाद इन परिसंपत्तियों का उपयोग शहर के विकास और आम लोगों की सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा. इसके लिए प्रशासन की ओर से एक स्पष्ट कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है.
30 मार्च तक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 30 मार्च तक चिन्हित संपत्तियों को नगर निगम के कब्जे में लेने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाए.
जनता की संपत्ति है निगम की जमीन
नगर निगम का कहना है कि निगम की जमीन और संपत्तियां जनता की संपत्ति हैं. इसलिए उनका संरक्षण और सही उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि शहर के विकास से जुड़े कार्यों में इन परिसंपत्तियों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सके.
