Simdega : जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों, झरनों और डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. सिमडेगा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे जंगलों, पहाड़ों और मनमोहक झरनों के लिए जाना जाता है.
प्रशासन ने कहा कि
बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में लोग इन पर्यटन स्थलों का आनंद लेने पहुंचते हैं. हालांकि, इसी मौसम में नदियों और झरनों का तेज बहाव जानलेवा भी साबित हो सकता है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, झरनों और डैम के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और सेल्फी या रील बनाने के लिए जोखिम न उठाएं. प्रशासन ने कहा कि जान है तो जहान है, इसलिए रोमांच के चक्कर में अपनी सुरक्षा से समझौता न करें. एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि पानी का रंग बदलता दिखे या अचानक बहाव तेज हो जाए, तो तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं.
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से की अपील
साथ ही जलाशयों में उतरने, तैरने या गहराई का अनुमान लगाने की कोशिश न करें, क्योंकि फिसलन भरी चट्टानें और तेज धारा दुर्घटना का कारण बन सकती हैं. नशे की हालत में ऐसे स्थानों पर जाने से भी बचने की सलाह दी गई है. जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में पूरी सतर्कता बरतें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें. इससे पहले भी जिले में उफनती नदियों और झरनों में डूबने से कई लोगों की जान जा चुकी है.
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