उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामला: रोशन की जमानत याचिका पर सुनवाई, कोर्ट ने तमाड़ थाना से मांगी पूरी रिपोर्ट, 30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

Ranchi: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक व धांधली मामले में सोल्वर गिरोह के सदस्य रोशन कुमार की जमानत याचिका पर एजेसी...

Excise constable paper leak case: Roshan's bail plea heard, court seeks full report from Tamar police station, next hearing on July 30

Ranchi: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक व धांधली मामले में सोल्वर गिरोह के सदस्य रोशन कुमार की जमानत याचिका पर एजेसी योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने मामले में तमाड़ थाना की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. अब इस मामले में सुनवाई 30 जुलाई को होगी.

मास्टर माइंड सहित गिरोह के सात सदस्य तथा पांच अभ्यर्थी अभी भी हैं जेल में

मास्टर माइंड अतुल वत्स तथा गिरोह के सदस्य विकास कुमार, आशीष कुमार, मुकेश कुमार व बिहार से पकड़े गये तीन सदस्य सहित आठ अभी भी जेल में बंद हैं. उनके अलावा पांच अभ्यर्थी भी जेल में हैं.

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होने वाली थी. 12 अप्रैल की रात अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाये जा रहे थे. मामले में अभ्यर्थियों सहित 166 आरोपियों को तमाड़ पुलिस ने रड़गांव से गिरफ्तार किया था. उसमें सरगना सहित पांच मास्टरमाइंड, सात महिला व 152 अभ्यर्थी सहित 164 आरोपी शामिल हैं. जमानत के लिए 83 याचिका दाखिल गयी थी, जिसमें 78 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आरोपियों को जमानत दी गई. अदालत ने सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की. लेकिन तमाड़ पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं किया. जिसके कारण सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. इस पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. इसके बाद केस डायरी प्रस्तुत किया गया और आरोपियों को जमानत मिल गयी थी.

रड़गांव के नर्सिंग कॉलेज में हुई थी छापेमारी

तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस छापेमारी के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था. जांच में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और संगठित गिरोह इस धांधली को अंजाम दे रहा था. अभ्यर्थियों से परीक्षा के पहले तीन लाख व उसके बाद नियुक्ति के समय 10 लाख रुपये देना तय किया गया था. लेकिन रडगांव में इतनी संख्या में लोगों के जमा होने पर ग्रामीणों को नक्सली या आपराधिक गतिविधियों का शक होने पर पुलिस को सूचना दी थी उसके बाद मामले का खुलासा हुआ था.

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