Newswave Desk: पेपर लीक के मामलों पर सख्ती के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई. प्रस्तावित संशोधन में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. अब इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है.
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान किया गया है. इसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. सरकार का मानना है कि इससे संगठित पेपर लीक गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा.
अब संसद में पेश होगा विधेयक
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इस संशोधन विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा. संसद से पारित होने के बाद यह कानून लागू होगा और इसके तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों में और अधिक सख्ती से कार्रवाई की जा सकेगी.
पारदर्शी परीक्षाओं पर सरकार का फोकस
केंद्र सरकार का कहना है कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखना है. साथ ही, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी इस कानून का प्रमुख लक्ष्य है.
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