Koderma: सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय लागू करने और 6 माह के बकाया भुगतान की मांग को लेकर झारखंड स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ CITU, जिला कमिटी कोडरमा के बैनर तले आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार को श्रम अधीक्षक कार्यालय, कोडरमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी को प्रत्येक कर्मी के लिए सरकार द्वारा लगभग 26 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन कर्मियों को केवल 12 हजार से 12 हजार 600 रुपये ही मानदेय मिल रहा है. इतने बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. संघ ने EPF में हो रही अनियमितताओं की भी जांच की मांग की. कर्मियों का आरोप है कि समय पर वेतन नहीं मिलने और EPF कटौती में गड़बड़ी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.धरने के दौरान संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
संघ की मुख्य मांगें
- न्यूनतम मानदेय लागू हो : सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय तत्काल लागू किया जाए.
- बकाया भुगतान : 6 माह का बकाया मानदेय अविलंब भुगतान किया जाए.
- EPF की जांच : EPF और अन्य कटौतियों में अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो.
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