रांची : जलापूर्ति के नाम नलों से आ रहा गंदा पानी, पेयजल के लिए भटक रहे लोग

Ranchi : बुंडू नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों पेयजल आपूर्ति व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. नगर...

पेयजल आपूर्ति

Ranchi : बुंडू नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों पेयजल आपूर्ति व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. नगर क्षेत्र में जलापूर्ति तो की जा रही है, लेकिन कई इलाकों में नलों से दूषित और गंदा पानी आने की शिकायत सामने आ रही है. लोगों का कहना है कि इस पानी का इस्तेमाल पीने तो दूर, रोजमर्रा के घरेलू कार्यों में करना भी मुश्किल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, जलापूर्ति के दौरान नदी का गंदा पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है. लोगों का आरोप है कि पानी को समुचित तरीके से फिल्टर और शुद्ध किए बिना ही सप्लाई किया जा रहा है. इससे नगरवासियों के बीच बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोग चिंतित है.

रानीचुआं इलाके में पांच दिनों से पानी के लिए भटक रहे लोग

बुंडू के रानीचुआं क्षेत्र में करीब पांच दिनों से स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है. सुबह होते ही लोग अपने घरों से बर्तन लेकर पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए निकलने को मजबूर है. वहीं, नगर क्षेत्र में संचालित स्वच्छ जल विक्रेताओं की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ गई है. लोग मजबूरी में पैसे खर्च कर पीने का पानी खरीद रहे है.

नगर पंचायत पर भरोसा करना मुश्किल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत की जलापूर्ति व्यवस्था पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है. एक ओर नल से आने वाला पानी गंदा है. वहीं दूसरी ओर पीने के लिए लोगों को अलग से पानी खरीदना पड़ रहा है. लोगों का सवाल है कि आखिर ऐसी स्थिति में वे किस पर भरोसा करें.

गर पंचायत से तत्काल कार्रवाई की मांग

नगरवासियों ने बुंडू नगर पंचायत के पदाधिकारियों से मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कर पानी के स्रोत से लेकर फिल्ट्रेशन और सप्लाई लाइन तक की स्थिति की जांच की जाए. साथ ही दूषित पानी की आपूर्ति पर तत्काल रोक लगाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए. लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाये.

 

ALSO READ : निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन पर अंतरिम आदेश नहीं बनेगा बाधा, हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *