Ranchi: झारखंड के कोषागारों में बिना समायोजन के 46 करोड़ 45 लाख15 हजार 417 रुपए के डीसी बिल लंबित पड़े हैं. इसमें स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग, उच्च न्यायालय, ग्रामीण विकास और परिवहन विभाग के अधिकांश डीसी बिल लंबित हैं. झारखंड में सबसे अधिक डीसी बिल लंबित रखने का रिकॉर्ड गृह विभाग नाम है. गृह विभाग के बाद स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग का नंबर आता है, जिसके अंतर्गत जिलों के सिविल सर्जन और मेडिकल ऑफिसर स्तर के अधिकारियों ने भारी मात्रा में डीसी बिल लंबित रखे हैं.
जानिए विभागवार लंबित DC बिल
• गृह, जेल एवं आपदा प्रबंधन विभागइस विभाग के अंतर्गत करोड़ों रुपये के बिल लंबित हैं. इस विभाग में 15,99,94,04 और 23,99,97,24 रुपए का हिसाब लंबे समय से दबा हुआ है. इसके अलावा जिला स्तर पर एसपी कार्यालय कोडरमा और गोड्डा का भी डीसी बिल लंबित है.
• उच्च न्यायालय, झारखंड : प्रशासनिक मामलों में भी वित्तीय समायोजन की सुस्ती देखने को मिलती है. 9,14,41,117 रुपए की बड़ी राशि लंबित सूची में दर्ज है.
• पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग: खेल विभाग के प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित कार्यालय (उप निदेशक खेल) द्वारा जारी बिल संख्या 98/2024-25 के तहत 10,93,40,828 की राशि का डीसी बिल पेंडिंग है.
• ग्रामीण विकास विभाग: ग्रामीण विकास विभाग (झारखंड) के अंतर्गत विभिन्न संचिकाओं और योजनाओं के नाम पर उठाए गए फंड ( बिल संख्या 750/25-26 और 751/25-26) के तहत 95,67,431 और 95,67,430 की रकमें बिना समायोजन के अटकी हुई हैं.
• स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग: राज्य के बोकारो, गोड्डा, गढ़वा, चतरा, गिरिडीह, हजारीबाग, रांची, धनबाद, दुमका, पाकुड़ के सिविल सर्जनों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, पीएचसी और सदर अस्पतालों के नाम पर डीसी बिल उठाए गए हैं. इनमें से कई बिलों की राशि 10,00,000 से लेकर 1,41,76,800 तक है. एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के स्तर से भी 1,00,00,000 और 2,49,38,610 रुपए लंबित चल रहे हैं.
• नागर विमानन डिवीजन: नागरिक विमानन प्रभाग के अंतर्गत विमान संचालन और रख-रखाव से जुड़े 16,28,627 रुपए के बिल लंबित हैं. वहीं झारखंड भवन, नई दिल्ली के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी वाहन और अन्य मदों में डीसी बिल दबाए गए हैं.
• सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नमेंट विभाग: इस विभाग के प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित कार्यालय द्वारा ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकी परियोजनाओं के तहत 56,15,420 और संयुक्त सचिव स्तर से 17,32,000 का डीसी बिल लंबित छोड़ा गया है.
• वाणिज्य कर विभाग: वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत संभाग स्तर पर उठाए गए बिल के तहत 8,39,011 रुपए का समायोजन अभी बाकी है.
• श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग: श्रम विभाग के मुख्यालय रांची द्वारा वित्तीय वर्ष के अंत में जारी बिल के तहत 80,00,000 रुपए की राशि का डीसी बिल लंबित है.
• कैबिनेट (निर्वाचन) विभाग: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीईओ रांची द्वारा चुनाव संचालन के नाम पर निकाले गए फंड के तहत 77,37,500 रुपए का हिसाब किताब ट्रेजरी में जमा नहीं हुआ है.
• परिवहन विभाग: परिवहन विभाग के अवर सचिव स्तर से जारी बिल के अंतर्गत 40,00,872 रुपए का डीसी बिल पेंडिंग है.
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