Jamshedpur : शहर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड में पुलिस की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट से एक से बढ़कर एक चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे है. पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि कैरव के अपहरण की पूरी योजना किसी दूसरे राज्य या बाहरी ठिकाने पर नहीं, बल्कि जमशेदपुर के ही साकची स्थित एक किराए के फ्लैट में बैठकर तैयार की गई थी.
फर्जी आधार कार्ड के सहारे ट्रांसपोर्टर बनकर रहा मास्टरमाइंड
मामले का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) पंजाब के लुधियाना का रहने वाला तेजिंदर उर्फ सुखविंदर सिंह है. वह महीनों तक अपनी फर्जी पहचान के सहारे शहर में रहकर पूरी साजिश को अंजाम देता रहा. जांच के अनुसार, तेजिंदर ने सितंबर 2025 में साकची के आमबागान स्थित ‘शारदा इन्क्लेव’ में फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर एक फ्लैट किराए पर लिया था. उसने खुद को एक बड़ा ट्रांसपोर्टर बताकर मकान मालिक का विश्वास जीता और अपने साथी अमरिंदर सिंह को अपना ‘मामा’ बताकर 11 महीने का एग्रीमेंट करवाया. यही साकची का फ्लैट अपराधियों का ‘सेफ हाउस’ बन गया. जहां बैठकर कैरव गांधी की गतिविधियों की रेकी की गई और अपहरण का पूरा खाका तैयार किया गया.
राजगीर में बनी अंतिम रणनीति
चार्जशीट के मुताबिक, तेजिंदर वारदात से ठीक तीन दिन पहले तक जमशेदपुर शहर में ही सक्रिय था. उसने दस जनवरी को साकची स्थित प्यूमा स्टोर से खरीदारी की. पुलिस ने दुकान के बिल, सीडीआर CDR और मोबाइल लोकेशन से उसकी मौजूदगी की पुष्टि की है. पुलिस को चकमा देने के लिए वह लगातार अपने सिम कार्ड बदल रहा था. वह बिहार के राजगीर पहुंचा. जहां गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ अपहरण की अंतिम रणनीति को अंतिम रूप दिया गया. घटना के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन पटना और गया एयरपोर्ट के आसपास मिली.
पुलिस वर्दी में वारदात, 13 दिन बाद चौपारण में छोड़ा
13 जनवरी को अपराधियों ने सोनारी-कदमा लिंक रोड से कैरव गांधी का उस वक्त अपहरण कर लिया, जब वे पुलिस की वर्दी में आए थे. कैरव को 13 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया. जब पुलिस की घेराबंदी और दबाव काफी बढ़ गयी, तो घबराकर अपराधी कैरव को चौपारण-बरही मार्ग पर छोड़कर फरार हो गए. बाद में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर साईं मंदिर के पास के जंगल में हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के कई सदस्यों को दबोच लिया.
11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में अमरिंदर सिंह, गुड्डू सिंह, मो. इमरान समेत कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. हालांकि, गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड तेजिंदर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
