राजकीय उड़ानों की सुरक्षा एवं तकनीकी दक्षता सुदृढ़ करने की पहल :  सरकार खरीदेगी आधुनिक एवियोनिक्स उपकरण, 5 साल का होगा करार

Ranchi : झारखंड सरकार अपने स्टेट हैंगर में मौजूद राजकीय विमानों और प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले ग्लाइडरों की उड़ानों को अधिक...

झारखंड सरकार

Ranchi : झारखंड सरकार अपने स्टेट हैंगर में मौजूद राजकीय विमानों और प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले ग्लाइडरों की उड़ानों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और तकनीकी रूप से मुस्तैद बनाने की ओर बड़ा कदम बढ़ा रही है. मुख्यमंत्री सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अंतर्गत कार्यरत नागरिक उड्डयन प्रभाग (सिविल एविशन डिविजन) ने राज्य के विमान बेड़े के रखरखाव और एवियोनिक्स जांच के लिए आवश्यक स्पेयर पार्ट्स, विशेष उपकरणों और टूल्स की आपूर्ति की बड़ी योजना तैयार की है. इसके तहत राज्य में संचालित Zlin 143L विमानों और Sinus/Steemee Motor Gliders के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद की जाएगी.

उच्च-स्तरीय उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू 

विमानों की सुरक्षा और दिशा-निर्देशन प्रणालियों के लिए जिन उच्च-स्तरीय उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है. उनमें IFR 4000 और IFR 6000 जैसे नेविगेशन एवं कम्यूनिकेशन टेस्ट सेट शामिल है. ये उपकरण हवा में उड़ान भरते समय विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (एवियोनिक्स) की सटीकता सुनिश्चित करते है. इसके अलावा आपात स्थिति में एयरक्राफ्ट की लोकेशन ट्रेस करने वाले 406 MHz ELT (इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर) का एनुअल इंस्पेक्शन किट और सटीक दिशा कैलिब्रेशन के लिए मास्टर लैंडिंग कंपास भी मंगाया जा रहा है, ताकि हर उड़ान तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित रहे.

पांच साल का दीर्घकालिक रेट कॉन्ट्रैक्ट करने का फैसला 

राज्य सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए किसी अल्पकालिक ठेके के बजाय पांच साल का दीर्घकालिक रेट कॉन्ट्रैक्ट करने का फैसला किया है. इसके तहत चयनित मूल उपकरण निर्माता या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को मांग के अनुसार रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के स्टेट हैंगर और दुमका एयरपोर्ट बेस स्टेशन पर स्पेयर पार्ट्स व उपकरणों की आपूर्ति करनी होगी. उड़ानों की सुरक्षा में किसी तरह के समझौते से बचने के लिए नागरिक उड्डयन प्रभाग ने सख्त शर्त रखी है कि आपूर्ति किए जाने वाले सभी पार्ट्स 100% प्रामाणिक, ट्रेसेबल और अंतरराष्ट्रीय एविऐशन मानकों के अनुरूप होने चाहिए.

 

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