लोहरदगा : अल नीनो का असर, बारिश की कमी से धान की खेती संकट में

Lohardaga : कुड़ू प्रखंड में अल नीनो के प्रभाव के कारण इस बार मानसून कमजोर पड़ा है, जिससे धान की खेती बुरी...

Lohardaga : कुड़ू प्रखंड में अल नीनो के प्रभाव के कारण इस बार मानसून कमजोर पड़ा है, जिससे धान की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है. आषाढ़ समाप्त होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से अब तक केवल करीब 25 प्रतिशत धान की रोपाई ही हो सकी है, जबकि अधिकांश खेत अब भी सूखे पड़े हैं.

किसानों ने समय पर धान का बिचड़ा तैयार कर लिया था, लेकिन बारिश नहीं होने से उसकी रोपाई नहीं हो सकी. कई जगह 30–35 दिन पुराना बिचड़ा पीला पड़ने लगा है और खराब होने की स्थिति में पहुंच गया है. जुलाई में अब तक प्रखंड में 200 MM से भी कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में करीब 520 MM वर्षा हुई थी.

धान की खेती पर संकट

जहां तालाब, डैम और कोयल नदी से सिंचाई की सुविधा है, वहां किसान किसी तरह रोपाई कर रहे हैं. हालांकि लगातार बारिश नहीं होने से सिंचित खेतों में भी नमी कम होने लगी है. डीजल पंप से सिंचाई करने पर किसानों की लागत बढ़ रही है, जिससे छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं. प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि इस वर्ष वर्षा सामान्य से काफी कम हुई है. यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो धान उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है. फिलहाल किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं.

धान की खेती पर संकट

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