Chandwa: दामोदर दुर्घटनास्थल का रविवार को पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख जताया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया. उन्होंने सभी मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों एवं शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
उन्होंने बताया कि 22 जुलाई की शाम एनएच-22 पर चंदवा नगर के बीज दामोदर गांव के समीप नगर मंदिर से पूजा कर थाना टोली लौट रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर घर की बॉउंड्री से टकराते हुए घर में घुस गई थी. हादसे में घर के बाहर बैठी राखी देवी, उनके पति प्रमोद गिरी तथा स्कॉर्पियो चालक अरविंद कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं घायल चालक की पत्नी खुशबू देवी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. घर मालकिन की गोतनी सरिता देवी, पति बीनोद गिरी, भी गंभीर रूप से घायल हैं. उनके माथे, चेहरे और कमर में गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन वह घर में दशकर्म की रस्मों में किसी तरह शामिल हैं. स्वर्गीय अरविंद कुमार के पिता बद्री वर्मा और स्वर्गीय ललिता देवी के पति मंटू कुमार की आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर बताई गई है.
चार मौतों से शोक, सहायता नहीं मिलने पर नाराजगी
24 जुलाई 2026 को घायल ललिता देवी की भी मौत हो गई. इस हादसे में चार लोगों की जान जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. वहीं अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. प्रमोद गिरी ने बताया कि घटनास्थल पर सड़क में छोटा मोड़ है और यहां हमेशा कीचड़ रहता है. नगर की ओर से आने वाले वाहनों का बायां चक्का फिसलने के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं.
उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी मृतक के परिजन को प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है. मृतक अरविंद कुमार, ललिता देवी और खुशबू देवी भाजपा चंदवा पश्चिमी के प्रखंड अध्यक्ष रिकी वर्मा के रिश्तेदार थे.
मुआवजा, इलाज और बैरिकेडिंग की मांग
अयुब खान ने कहा कि इतनी हृदयविदारक घटना के बावजूद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक परिजनों का हालचाल नहीं लेना बेहद दुखद है. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है और हादसे में घर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं.
उन्होंने उपायुक्त संदीप कुमार से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने, घायलों के इलाज की व्यवस्था कराने, तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, प्रभावित परिवारों को आवास दिलाने तथा घटनास्थल पर गति सीमा नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग लगाने की मांग की.
ALSO READ: सिमडेगा: नेशनल हाईवे किनारे से रात में मवेशियों की चोरी, ठेठईटांगर क्षेत्र में दहशत
