जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठी और पैलेट गन चलाना लोकतंत्र की हत्या, गृह मंत्री जवाब दें – नूतन कुमारी

Ranchi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुए बर्बर लाठीचार्ज में घायल छात्रा नूतन कुमारी ने मंगलवार को...

Ranchi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुए बर्बर लाठीचार्ज में घायल छात्रा नूतन कुमारी ने मंगलवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में घटना का दर्दनाक विवरण साझा करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर जिस तरह बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं, वह लोकतंत्र के माथे पर कलंक है.

छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर कलंक: नूतन कुमारी

नूतन कुमारी ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों का जवाब संवाद से देने के बजाय लाठी और दमन से दे रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें और कई अन्य छात्रों को गंभीर चोटें आईं, लेकिन सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनकी सुध तक नहीं ली. यह व्यवहार बताता है कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज से घबरा चुकी है.

छात्रों पर पैलेट गन इस्तेमाल का आरोप, सरकार से जवाब की मांग

छात्रों के गूंज के संयोजक सह महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए हुए कहा कि देश के गृह मंत्री तत्काल देश को बताएं कि जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल होना यह केवल पुलिसिया ज्यादती नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का निर्मम दमन है. उन्होंने कहा कि जिस सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए थी, वही सरकार उन्हें अपराधियों की तरह पीट रही है. आज देश का युवा रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है, लेकिन उसे लाठी और गोलियों से जवाब दिया जा रहा है. यह लोकतांत्रिक भारत नहीं, बल्कि भय और दमन की राजनीति का उदाहरण है.

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

कुमार राजा ने कहा कि केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों से उसे इतना डर क्यों लग रहा है. यदि छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि पूरा घटनाक्रम सरकार के इशारे पर हुआ. उन्होंने मांग की कि जंतर-मंतर की घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो, घायल छात्रों को उचित उपचार और मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए.

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