AG की रिपोर्ट में खुलासा: झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड में भ्रष्टाचार की पोल, 14 हजार करोड़ की योजनाओं में केवल 55% हुए पूरे

रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 15वें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में एजी की रिपोर्ट पेश की....

रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 15वें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में एजी की रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड ने कुल लागत ₹14,020.46 करोड़ वाली 1,328 परियोजनाएं शुरू की थीं, लेकिन इनमें से केवल 55% कार्य पूरे हुए हैं. 218 परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जबकि 272 कार्य प्रारंभिक चरण में हैं. 112 परियोजनाएं भूमि की अनुपलब्धता, सार्वजनिक बाधाओं, संवेदकों द्वारा विलंब आदि के कारण या तो रद्द कर दी गईं या रोक दी गईं.

अनियमितताओं का खुलासा

  • निगम ने 24 कार्यों के निष्पादन के लिए उपयोगकर्ता विभागों से प्राप्त ₹60.95 करोड़ वापस नहीं किए हैं।
  • वर्ष 2018-19 से 2022-23 के दौरान निगम ने न तो कॉर्पोरेट बजट तैयार किया और न ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की समीक्षा और कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए कोई तकनीकी समिति गठित की.
  • वास्तविक स्थल स्थितियों पर आधारित विस्तृत अनुमान के बिना निगम ने सलाहकारों द्वारा तैयार मॉडल अनुमानों के आधार पर परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू कर दिया.
  • विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यक भूमि या तो उपयोगकर्ता विभागों द्वारा नहीं सौंपी गई या विलंब से सौंपी गई.
  • ₹102.87 करोड़ मूल्य के 35 कार्य अधूरे रह गए.
  • हाई टेंशन संचरण लाइन के आसपास भवनों के निर्माण के प्रतिकूल प्रभाव का पूर्वानुमान न होने के कारण एक डिग्री कॉलेज का पूरा हुआ भवन बेकार पड़ा, जिससे ₹12 करोड़ का व्यय निष्फल रहा.
  • डांडा और बिष्णुपुरा में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (जेबीएवी) के आंशिक रूप से पूर्ण ढांचों पर ₹5.60 करोड़ व्यर्थ हो गए.
  • संगमा में जेबीएवी के परित्यक्त ढांचे पर संवेदकों द्वारा काम रोक दिए जाने के कारण ₹2.80 करोड़ का व्यय व्यर्थ गया.
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *