Koderma: आदर्श फाउंडेशन ने पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारत सरकार से विशेष पहल करने की अपील की है. फाउंडेशन ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण और जल संरक्षण को प्राथमिकता देना अब समय की मांग है.आदर्श फाउंडेशन के सचिव सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आज हम सभी भारतीयों के लिए पर्यावरण बचाने के लिए एकजुट होकर काम करने का समय है. उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर हर साल लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हो रहा है.
श्री त्रिपाठी ने चिंता जताई
“जंगलों को उजाड़कर हम कब तक कंक्रीट के महल बनाते रहेंगे? प्रकृति अगर रूठ गई तो हम चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे.”* श्री त्रिपाठी ने चिंता जताई कि जल स्रोत लगातार सूख रहे हैं. इसी कारण जंगली जानवर पानी की तलाश में ग्रामीण बस्तियों में प्रवेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा वह दिन दूर नहीं जब हमें बिसलेरी की बोतल के साथ ऑक्सीजन का सिलेंडर भी साथ लेकर चलना पड़ेगा.”
पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के क्षेत्र में ऐतिहासिक और ठोस कदम उठाए जाएं: सचिव
सचिव ने आगे कहा कि सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा हर साल लाखों पेड़ लगाए जा रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. अधिकतर जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं. आदर्श फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के क्षेत्र में ऐतिहासिक और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बना रहे.
