रांची : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे देश के लिए नुकसानदायक बताया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रानव झा ने सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह समझौता पूरी तरह अमेरिकी हित में है और इससे भारत को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

कृषि और निर्यात क्षेत्र पर असर की आशंका
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका को भारत का निर्यात 86 बिलियन डॉलर है, जबकि आयात 46 बिलियन डॉलर का है, लेकिन नए समझौते के तहत अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त सामान खरीदने की बात कही जा रही है, जिससे भारत का ट्रेड सरप्लस ट्रेड डेफिसिट में बदल सकता है. आरोप लगाया गया कि कृषि क्षेत्र को अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा. कपास किसानों पर भी असर पड़ने की बात कही गई, क्योंकि अमेरिका ने भारतीय कपास पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि बांग्लादेश पर शून्य प्रतिशत टैरिफ है. साथ ही रूस से तेल खरीद बंद करने के दबाव का भी जिक्र करते हुए कहा गया कि इससे भारत को महंगा तेल खरीदना पड़ सकता है.
सरकार से कांग्रेस के चार सवाल
कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि क्या इस डील से पहले राज्यों से व्यापक परामर्श किया गया था. क्या संसद में समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक की जाएंगी. किसानों और छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए क्या ठोस उपाय किए गए हैं. और झारखंड जैसे खनन आधारित राज्यों के लिए इस समझौते में क्या विशेष प्रावधान रखा गया है.

