– सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन का बनेगा बेहतर माहौल, हर गांव तक पहुंचेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
Ranchi: झारखंड में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी प्रक्रिया शुरू की गई है. झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालयों, उत्क्रमित उच्च विद्यालयों और मॉडल स्कूलों का कायाकल्प करने की तैयारी तेज हो गई है. इस वृहद योजना के तहत पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद, गोड्डा, पाकुड़ और चतरा जिले के दर्जनों सरकारी विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण और पठन-पाठन से जुड़ी स्टेशनरी सामग्रियों की आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
जानिए आपके जिले के किन-किन स्कूलों में शुरू हुई निर्माण प्रक्रिया
राज्य भर के दर्जनों प्रमुख सरकारी विद्यालयों को इस योजना में शामिल किया गया है, जहाँ आने वाले दिनों में नए और सर्वसुविधायुक्त क्लासरूम तैयार किए जाएंगे.
– पूर्वी सिंहभूम
पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी (8 ACR) और दीघी भूला (8 ACR) में निर्माण की प्रक्रिया आरंभ की गई है. इसके अलावा मानपुर, प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय, सिमुलडांगा (11 ACR), भूरसागुटु, बहरागोड़ा, जयपुर, चाकुलिया, बालीबांध, बांगुड़ा आदिवासी (11 ACR) और अष्टकोसी भालुक पात्रा के स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम बनाए जाएंगे.
– पश्चिमी सिंहभूम
पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ प्रोजेक्ट गर्ल्स, पुरुलिया प्लस टू (11 ACR), सोनुआ राज्य संपोषित, सरजमहातू, कुईरा, जेटे लोदाई, घोड़ाबांधा और हाटगम्हरिया के विद्यालयों में प्रक्रिया शुरू की गई है। विशेष रूप से हाई स्कूल मारवाड़ी चक्रधरपुर में 17 नए क्लासरूम और पीएम श्री उत्क्रमित प्लस टू आसुरा में 8 क्लासरूम का निर्माण प्रस्तावित है.
– धनबाद
धनबाद जिले के डी.पी.एल.एम.ए. प्लस टू नवागढ़ (11 ACR), पुटकी प्लस टू (11 ACR), और कोलाकुसमा (11 ACR) में बड़े पैमाने पर निर्माण होगा. इसके साथ ही पीएम श्री मलकपेरा, बाघमारा, कांडेडीह, खारियो, लाछुरायडीह, बलियापुर, मुगमा, जोराडीह, पथुरिया और जी.एस. आदिवासी एच.एस. यादवपुर में 17 नए कक्षा-कक्षों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है.
– चतरा
चतरा जिले के दूर-दराज क्षेत्रों के स्कूलों को भी इसमें शामिल किया गया है. पितिज़, इटखोरी, पत्थलगड़ा, दातम, चांगड़ी, लिपटा, मढ़वा, मनातू टिकुलिया, लमटा, टुनगुन, मेदवादीह, गीता आश्रम, दीवानखाना और राज्य संपोषित बालिका विद्यालय में बच्चों की सहूलियत के लिए अतिरिक्त कमरे बनाए जा रहे हैं.
– गोड्डा
गोड्डा के प्रोजेक्ट गर्ल्स महागामा, समारी, अंजाना (11 ACR), भुस्का, भालगोडा दुमरिया, ललमटिया, रघुनाथपुर, बक्सरा, देवानचक, मल मंद्रो, कोरका, खटनाई उर्दू बालिका, मोतिया, पकड़िया और महेशपुर के सरकारी स्कूलों में नए क्लासरूम बनाने का काम शुरू किया गया है.
– पाकुड़
पाकुड़ जिले के उत्क्रमित हाई स्कूल फुलझिंझरी (11 ACR), चौंकीशाल, गोपीनाथपुर, नबी नगर, बड़ासरसा, दुमरचीर, गढ़वाड़ी, बोरहा, खानपुर, शहरग्राम और बसकंदरी के विद्यालयों में भी अवस्थापना विकास की प्रक्रिया शुरू की गई है.
राज्य के स्कूली बच्चों को मिलेंगे ये बड़े फायदे
सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे के इस विस्तार से राज्य में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के जीवन और पढ़ाई पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. ठंस-ठंसकर बैठने की मजबूरी से मुक्ति: अक्सर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के स्कूलों में जगह कम होने के कारण एक ही कमरे में कई सेक्शन या कक्षाओं के बच्चों को बैठाना पड़ता था। नए क्लासरूम बनने से हर वर्ग के बच्चों को अलग और पर्याप्त जगह मिलेगी.
पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार: शांत और खुले माहौल में शिक्षक बच्चों पर बेहतर ढंग से ध्यान दे पाएंगे, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता और लर्निंग आउटकम में सुधार होगा. ड्रॉप-आउट दर में आएगी कमी: विशेषकर दूर-दराज के क्षेत्रों और बालिका विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं और नए कमरों के बनने से बच्चे, खासकर छात्राएं, बीच में पढ़ाई छोड़ने के बजाय स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित होंगी.

पीएम श्री और मॉडल स्कूलों को मजबूती: राज्य के कई ‘पीएम श्री’ और उत्कृष्ट विद्यालयों में अतिरिक्त कमरों के बनने से वहां आधुनिक लैब, लाइब्रेरी और डिजिटल कक्षाओं के संचालन के लिए भी जगह उपलब्ध हो सकेगी. ससमय स्टेशनरी और अध्ययन सामग्री: निर्माण के साथ-साथ स्टेशनरी आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू होने से बच्चों को अपनी दैनिक पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन बिना किसी रुकावट के उपलब्ध हो सकेंगे.
