Giridih: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और घोटालों के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने गिरिडीह में जोरदार प्रदर्शन किया. भाजयुमो के बैनर तले आयोजित आक्रोश पैदल मार्च में भाजपा पदाधिकारियों, युवा कार्यकर्ताओं, प्रतियोगी छात्रों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया.
पपरवाटांड़ से समाहरणालय तक निकाला आक्रोश मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत पपरवाटांड़ से हुई. हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और तख्तियां लिए कार्यकर्ता समाहरणालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच तथा युवाओं के भविष्य के साथ कथित खिलवाड़ बंद करने की मांग उठाई.
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
समाहरणालय पहुंचने के बाद भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त रामनिवास यादव के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई.
‘युवाओं का भरोसा टूट रहा है’
भाजपा नेता दिनेश यादव और भाजयुमो नेता संजीव सिंह ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित गड़बड़ियों से राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. उनका आरोप था कि चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों से युवाओं का सरकार और भर्ती एजेंसियों पर भरोसा लगातार कम हो रहा है. उन्होंने कहा कि अभिभावक कठिन मेहनत से अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर खर्च करते हैं, ऐसे में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठना बेहद चिंताजनक है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भाजयुमो नेताओं ने कहा कि यदि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भाजपा और भाजयुमो पूरे राज्य में आंदोलन को और व्यापक बनाएंगे. उनका कहना था कि बेरोजगार युवा लंबे समय से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं.

सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
प्रदर्शन के दौरान भाजपा और भाजयुमो के कई पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री, युवा कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाहरणालय परिसर और आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी.
‘यह युवाओं के अधिकारों की लड़ाई’
भाजयुमो ने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राज्य के लाखों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है. संगठन ने सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और युवाओं का विश्वास बहाल करने की मांग की.
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