Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने आगामी चार अगस्त को मनाए जाने वाले चेहल्लुम पर्व और पवित्र सावन माह के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है. पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी डीसी, एसएसपी और एसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दिए हैं.
संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष निगरानी
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस वर्ष मुस्लिम समुदाय का प्रमुख धार्मिक पर्व चेहल्लुम चार अगस्त को मनाया जाएगा. चेहल्लुम, हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के 40वें दिन उनकी स्मृति में आयोजित किया जाता है. इस अवसर पर राज्यभर में जुलूस निकाले जाते हैं, ताजिए रखे जाते हैं तथा पारंपरिक लाठी खेल और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं.
कई अहम दिशा निर्देश जारी
– पर्याप्त बल की तैनाती: धार्मिक स्थलों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी.
– लगातार गश्त: संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्ती बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई बल को अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया गया है.
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सावन और चेहल्लुम का संयोग: दोहरे आयोजनों से बढ़ी संवेदनशीलता
पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में रेखांकित किया है कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक पूरे राज्य में सावन माह के उपलक्ष्य में ‘श्रावणी मेला’ और ‘कांवर यात्रा’ का आयोजन हो रहा है. एक ओर जहाँ मंदिरों और कांवरिया पथों पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर चेहल्लुम के जुलूस और कार्यक्रम भी आयोजित होंगे. दोनों समुदायों के इन बड़े आयोजनों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा सौहार्द बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस को ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है.
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, भ्रामक खबरों पर होगी त्वरित कार्रवाई
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी के आदेश दिए हैं. फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्मों पर अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट डालने या सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सभी जिलों के साइबर सेल को सक्रिय रहने और किसी भी संदिग्ध कंटेंट को तुरंत हटाने व संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए हैं.

स्थानीय खुफिया तंत्र को किया गया सक्रिय
पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस और प्रशासन को केवल मुख्यालय से मिलने वाले इनपुट पर निर्भर न रहने की सलाह दी है. जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर पर भी स्थानीय खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय करें ताकि हर पल की सटीक जानकारी जुटाई जा सके. मुख्यालय के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इनपुट समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए जिला अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार सुरक्षा रणनीति तैयार कर मुस्तैदी से काम करें.
