Ranchi: झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है. यह घटना रविवार की रात जामताड़ा जिले में हुई है. जानकारी के अनुसार सुजीत सिन्हा को रविवार को साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किया जाना था. इसी दौरान उसे कैदी वैन में बैठाकर जामताड़ा के रास्ते धनबाद ले जाया जा रहा था. जैसे ही जामताड़ा जिला की सीमा में कैदी वैन पहुंची और सुजीत सिन्हा ने कहा कि उसे टॉयलेट जाना है. जिसके बाद कैदी वैन रुकी. इसके बाद सुजीत सिन्हा ने मौका देखते ही कैदी वैन में सवार एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन कर भागने लगा और फायरिंग करने लगा इसके बाद मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों के द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई जिसमें सुजीत सिन्हा मौके पर ही मारा गया.

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गैंगस्टर सुजीत सिन्हा मेदिनीनगर केंद्रीय कारा से साहिबगंज हुआ था शिफ्ट:
झारखंड जेल प्रशासन ने गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को नौ अक्टूबर 2025 को मेदिनीनगर केंद्रीय कारा से साहिबगंज मंडल कारा में स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया था. यह कदम सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से उठाया गया था. पलामू पुलिस और मेदिनीनगर केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर जेल आइजी ने सुजीत सिन्हा के स्थानांतरण का निर्देश दिया गया था. आदेश जारी होने के बाद उसे साहिबगंज मंडल कारा में शिफ्ट किया गया था.

कई जिलों में फैला आपराधिक नेटवर्क:
मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के रेडमा निवासी सुजीत सिन्हा का आपराधिक नेटवर्क झारखंड के कई जिलों में फैला है. उस पर रांची, हजारीबाग, लातेहार, चतरा, रामगढ़ और पलामू समेत विभिन्न जिलों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. केवल पलामू जिले में ही उसके खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज हैं. इन मामलों में रंगदारी, हत्या, आर्म्स एक्ट और गैंग आपरेशन से जुड़े मामले शामिल हैं. हाल के वर्षों में वह कुछ मामलों में न्यायालय से बरी भी हुआ है, लेकिन कई गंभीर मामले अब भी विचाराधीन हैं.

जेल के अंदर से ही अपने नेटवर्क को संचालित करता था:
झारखंड और आसपास के क्षेत्रों का एक कुख्यात अपराधी था. उसका नाम आपराधिक नेटवर्क, रंगदारी (एक्सटॉर्शन), हत्या, और संगठित अपराध में प्रमुखता से लिया जाता है.लंबे समय से जेल (जैसे पलामू, गुमला, जमशेदपुर घाघीडीह) में बंद रहने के बावजूद वह जेल के अंदर से ही अपने नेटवर्क को संचालित करता रहा है. उसके गैंग का मुख्य निशाना निर्माण क्षेत्र (बिल्डर्स), कोयला कारोबारी और स्थानीय व्यवसायी रहे हैं. रंगदारी न देने पर गोलीबारी कराने और जान से मारने की धमकियां देने के कई मामले सामने आ चुके हैं.

सहयोगियों के नेटवर्क का कर रहा था प्रयोग:
सुजीत सिन्हा के जेल में रहने के दौरान उसके गिरोह की कमान उसकी पत्नी रिया सिन्हा अन्य करीबियों द्वारा संभाले जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई थी. हाल के वर्षों में वह विदेश में बैठे प्रिंस खान गैंग के साथ गठजोड़ कर अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री व रंगदारी नेटवर्क चला रहा था.
