Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन अब एक बड़ा रूप ले चुका है. देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का सत्याग्रह जारी है. आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (आमरण अनशन) पर बैठ गए हैं. अनशन के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रख रही है.
लगातार 10वें दिन सत्याग्रह के बाद आमरण अनशन की शुरुआत:
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से चल रहे छात्रों के सत्याग्रह के नौवें दिन आंदोलन ने और भी उग्र रूप ले लिया. लद्दाख के प्रसिद्ध समाज सुधारक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के आंदोलन की तर्ज पर सरकार पर प्रशासनिक दबाव बनाने के लिए देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. स्टेडियम में भारी संख्या में राज्यभर से आए छात्रों और अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ रही है, जो सरकार और परीक्षा आयोग के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं.
छात्र आंदोलन की प्रमुख मांगें:
आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य के युवा लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार है.
– 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए: विवादित प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग.
– निष्पक्ष जांच का गठन: जेपीएससी,जेएसएससी परीक्षाओं का आयोजन करने वाली विवादित एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की जाए.

– पारदर्शी कार्यप्रणाली: भविष्य की परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और धांधली को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए आयोग की कार्यप्रणाली में ठोस सुधार किए जाएं.
