Ranchi: रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम दिल्ली का जंतर-मंतर कहा जाने लगा है. करीब दस दिनों से स्टुडेंट्स JPSC में कथित धांधली को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं. भारी बारिश के बीच उनका प्रदर्शन बदस्तूर जारी है. वो कभी फ्लैश लाइट लेकर अल्बर्ट इक्का चौक पहुंच जा रहे हैं, तो कभी मशाल जुलूस निकाल रहे हैं. उनकी बातें और उनके इरादों ने सरकार को साफ तौर पर मैसेज दे दिया है, कि वो पीछे नहीं हटने वाले हैं. इधर सरकार की तरफ से CID पूरी तरह से एक्टिव नजर आ रही है. ताबड़तोड़ छापेमारी का दौर जारी है. साथ में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है. ऐसे में सरकार के पास एक बड़ी चुनौती आ खड़ी हो गयी है. पहला तो यह कि किसी तरह छात्रों का आंदोलन खत्म हो और साथ ही JPSC को लेकर एक ऐसा रास्ता निकले, जिससे सरकार इस पूरे समाधान का क्रेडिट खुद ले. मतलब सांप भी मारना और लाठी भी नहीं टूटने देना है.

उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर सरकार करेगी बात
आंदोलनरत छात्रों से बात करने के लिए सरकार की तरफ से एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है. यह कमेटी आंदोलन कर रहे छात्रों से बात करेगी और उनका भरोसा जीतने का काम करेगी. कमेटी में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू के होने की बात कही जा रही है. चूंकि अधिसूचना मंत्रीमंडल सचिवालय या फिर गृह विभाग से निकल सकता है, ऐसे में सीनियर IAS वंदना डाडेल का कमेटी में रहना तय माना जा रहा है. चार अगस्त को नेमरा में होने वाले कार्यक्रम के बाद अधिसूचना जारी की जा सकती है. JMM की तरफ से दो और एक कांग्रेस की तरफ से मंत्री इस कमेटी में शामिल हो सकते हैं.
सरकार पर क्रेडिट लेने का भारी दबाव
इस पूरे प्रकरण में सरकार पर कई तरह के दबाव हैं. पहला तो आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ किसी तरह की पुलिसिया ज्यादती न हो. दूसरा छात्र सरकार की बातों को मान लें और तीसरा सबसे बड़ा दबाव यह कि इस पूरे प्रकरण का क्रेडिट विपक्ष की किसी राजनीतिक पार्टी को न मिले. ऐसे में सरकार बड़ी ही सावधानी से कदम उठा रही है. JPSC को लेकर JKLM भी आंदोलन कर रहा है. पार्टी के सीनियर नेता देवेंद्रनाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं. आज उनका तीसरा दिन बतौर भूख हड़ताल के है. पार्टी की तरफ से यह भी ऐलान किया गया है, कि पार्टी छह अगस्त को विधानसभा परिसर का घेराव करेगी. JKLM के इस कार्यक्रम और प्रदर्शन से छात्रों ने अपनी दूरी बना ली है. छात्रों का नेतृत्व करने वाले लोगों का कहना है कि छात्र 10 तारीख यानी सोमवार को विधानसभा का घेराव करेंगे. इस बीच सरकार के पास छात्रों को मनाने के लिए 6 दिन शेष रहते हैं. लेकिन सरकार 6 तारीख के JKLM के विधानसभा घेराव के प्रदर्शन के बाद ही छात्रों से संपर्क करेगी या ऑफिशियली बात करेगी. क्योंकि मौजूदा सरकार कभी नहीं चाहेगी कि JKLM को पूरे प्रकरण का थोड़ा भी क्रेडिट मिले. अब यहां देखने वाली बात होगी कि सरकार किस रणनीति पर काम करती है, जिससे समस्या का समाधान भी हो जाए और पूरी क्रेडिट हेमंत सरकार को मिले.

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