Ranchi: JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, धांधली और अनियमितताओं के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है. मंगलवार को रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र संगठनों ने आंदोलन की रूपरेखा और अपनी प्रमुख मांगों की जानकारी दी.

छात्र संगठनों ने उठाई भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइसा (AISA), रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA), एआईएसएफ (AISF) और झारखंड जनाधिकार महासभा के प्रतिनिधि शामिल हुए. संगठनों ने कहा कि राज्य में लगातार सामने आ रही भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों के कारण युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं ने मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया है. ऐसे में सरकार को भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी.

तय कैलेंडर के अनुसार परीक्षा कराने की मांग
छात्र संगठनों ने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को तय परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समय पर आयोजित कराया जाए. इसके अलावा पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों में शामिल लोगों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. संगठनों का कहना है कि सख्त कार्रवाई के बिना ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा और इससे युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा और कमजोर होगा.

विधानसभा मार्च में बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने का दावा
संगठनों ने बताया कि 7 अगस्त को होने वाले विधानसभा मार्च में राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे. इस मार्च में देशभर के छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहीं आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा भी हिस्सा लेंगी.आयोजकों के मुताबिक, नेहा इससे पहले भी कई छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं और अब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में रांची पहुंचेंगी.
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
छात्र संगठनों ने राज्य के युवाओं से विधानसभा मार्च में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए है.संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

