बोकारो थर्मल में डीवीसी रेलवे ओवरब्रिज का 160 एमटी के साथ सफलतापूर्वक हुआ लोड टेस्ट

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल में डीवीसी द्वारा 135 करोड़ रुपये की लागत से बनवाये गये रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की सुरक्षा...

DVC Overbridge Bokaro
डीवीसी रेलवे ओवरब्रिज

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल में डीवीसी द्वारा 135 करोड़ रुपये की लागत से बनवाये गये रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की सुरक्षा और वहन क्षमता को परखने के लिए करवाई गई लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है. इस परीक्षण के दौरान पुल की संरचनात्मक मजबूती की जांच करने के लिए कुल 160 मीट्रिक टन वजन का उपयोग किया गया, ताकि भविष्य में भारी वाहनों के आवागमन के दौरान किसी भी प्रकार के खतरे की संभावना को शून्य किया जा सके.

हाइवा ट्रकों के जरिए डाला गया था भारी दबाव 

परीक्षण की गंभीरता को लेकर चार हाईवा ट्रकों को चिप्स से पूरी तरह लोड किया गया था. प्रत्येक हाइवा का वजन 40 टन सुनिश्चित किया गया था. इसके बाद चार हाइवा (कुल 160 टन) को पुल के सबसे संवेदनशील हिस्से यानी मुख्य स्पैन पर तैनात किया गया. इंजीनियरों के अनुसार हाइवा को उन बिंदुओं पर खड़ा किया गया, जहां अधिकतम बेंडिंग मोमेंट’ और ’शीयर स्ट्रेस’ (तनाव) पैदा होता है.

अत्याधुनिक सेंसरों से हुई डिफ्लेक्शन की निगरानी 

पुल की मजबूती मापने के लिए पुल के नीचे आधुनिक डायल गेज और एलवीडीटी सेंसर’ लगाए गए थे. जैसे ही 160 टन का भार पुल पर स्थिर हुआ, इन सेंसरों ने सूक्ष्म से सूक्ष्म डिफ्लेक्शन (झुकाव) को रिकॉर्ड किया. लोड डालने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से अपनाई गई, ताकि अचानक पड़ने वाले दबाव से आरओबी को नुकसान न पहुंचे.

जांच में लगे इंजीनियरों की टीम ने बताया कि इस टेस्ट की सफलता का सबसे बड़ा मानक रिकवरी है. नियमानुसार भार हटाने के बाद पुल को अपनी मूल स्थिति में वापस आना अनिवार्य है. यदि संरचना 85 प्रतिशत से अधिक रिकवरी दिखाती है, तो इसे सुरक्षित माना जाता है और बोकारो थर्मल का आरओबी ने 85 फीसदी से उपर की रिकवरी रेट दिखाई. यह परीक्षण ’इंडियन रोड कांग्रेस’ (आईआरसी) के कड़े मानकों के तहत किया गया है.

आरओबी के उदघाटन की सांसद से मांग 

बता दें, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी की आरओबी की लोड टेस्टिंग संबंधी जांच की मांग के बाद ही यह टेस्ट करवाया गया. डीवीसी प्रबंधन के लिए यह ओवरब्रिज व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. 160 टन के इस डायनेमिक लोड टेस्ट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था, कि पुल बिना किसी संरचनात्मक विफलता के भविष्य के भारी ट्रैफिक को झेलने में सक्षम है. इस सफल परीक्षण के बाद क्षेत्र के लोगों एवं कामगारों की सांसद से मांग है कि यथाशीघ्र आरओबी के उदघाटन को अंजाम दिया जाए, जिससे सभी रेलवे गेट के बंद रहने से लगनेवाली जाम से राहत की सांस ले सकें. डीवीसी के वरीय प्रबंधक मैकनिकल सह कंस्ट्रक्शन हेड देव प्रसाद खां ने कहा कि आरओबी का सफलतापूर्वक 160 एमटी लोड देकर लोड टेस्टिंग कर लिया गया है.

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