Lohardaga:लोहरदगा गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने जिले में पिछले कई दिनों से ठप पड़े बॉक्साइट ट्रकों के परिचालन को लेकर गंभीर चिंता जताई है. इस संबंध में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लोहरदगा उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की. एसोसिएशन का कहना है कि हिंडाल्को कंपनी से जुड़े हजारों बॉक्साइट ट्रक बीते तीन महीनों से हेसल से कमले (बड़की चांपी) स्टेशन तक जाने वाली सड़क की जर्जर स्थिति के कारण प्रभावित हो रहे थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से स्थिति और गंभीर हो गई है और ट्रकों का परिचालन पूरी तरह ठप हो चुका है.
बंदी का असर अर्थव्यवस्था पर
एसोसिएशन के अनुसार, इस बंदी का असर केवल ट्रक मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 40 से 50 हजार लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. इसमें ट्रक मालिक, चालक, उपचालक, लोडर, अनलोडर, गैराज संचालक, मिस्त्री, टायर दुकानदार, पेट्रोल पंप संचालक, पार्ट्स विक्रेता, होटल और चाय दुकान चलाने वाले लोग शामिल हैं. इन सभी की आजीविका ट्रकों के संचालन पर निर्भर करती है. एसोसिएशन ने बताया कि लोहरदगा, गुमला और लातेहार जिले में ट्रक परिवहन व्यवस्था एक तरह से लाइफ लाइन का काम करती है. ट्रकों के ठप होने से न केवल परिवहन व्यवस्था बाधित हुई है, बल्कि पूरे क्षेत्र के बाजारों पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है. ऊपर पाट, बनारी, बिशनपुर, आदर, घाघरा, सेन्हा, लोहरदगा और चंदवा जैसे क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. बाजारों में मंदी का माहौल है और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है.

सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिंडाल्को कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हेसल अनलोडिंग स्थल पर बॉक्साइट रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है. इसका मुख्य कारण हेसल से कमले (बड़की चांपी) स्टेशन तक माल शिफ्टिंग का कार्य स्थानीय सड़क की खराब स्थिति के कारण बंद होना है. जब तक इस सड़क समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक ट्रकों का परिचालन शुरू होना संभव नहीं है. एसोसिएशन ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि इस गंभीर समस्या का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि हजारों लोगों की आजीविका को बचाया जा सके. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ट्रकों की बंदी के कारण सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है. इस ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी लोहरदगा, पुलिस अधीक्षक लोहरदगा, झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री तथा एसोसिएशन के संरक्षक सह पूर्व राज्यसभा सांसद को भी भेजी गई है. एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा और सड़क समस्या का समाधान कर ट्रकों के परिचालन को फिर से बहाल करेगा.
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