Jamtara : श्रावणी मेला-2026 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने जसीडीह और देवघर में चौबीसों घंटे चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की है. रेलवे की ओर से प्राथमिक उपचार केंद्र, स्वास्थ्य इकाइयां, चिकित्सा दल और एंबुलेंस सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं.
24 घंटे में 605 श्रद्धालुओं को मिली चिकित्सा सहायता
रेलवे की चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से 3 अगस्त दोपहर 12 बजे से 4 अगस्त दोपहर 12 बजे तक कुल 605 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया. इनमें जसीडीह प्राथमिक उपचार केंद्र में 280 श्रद्धालु, देवघर प्राथमिक उपचार केंद्र में 175 श्रद्धालु और जसीडीह स्वास्थ्य इकाई में 150 श्रद्धालुओं का इलाज किया गया.

पैरों में छाले और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का इलाज
लंबी पैदल यात्रा के कारण अधिकांश श्रद्धालु पैरों में छाले, मांसपेशियों में खिंचाव, पैरों में दर्द, सामान्य चोट, निर्जलीकरण, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याओं से परेशान थे. इसके अलावा बुखार, खांसी, सर्दी, अम्लता और अपच से प्रभावित श्रद्धालुओं को भी जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. स्वास्थ्य कर्मियों ने ड्रेसिंग, ओआरएस और आवश्यक दवाइयां देकर श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई.

गंभीर मामलों में तत्काल मिली मदद
समीक्षा अवधि में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी पूरी तरह सक्रिय रहीं. चिकित्सा दल ने चेहरे पर गंभीर चोट वाले एक श्रद्धालु का सफलतापूर्वक उपचार कर टांके लगाए. वहीं दौरे (कन्वल्शन) से पीड़ित एक अन्य श्रद्धालु को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई. गंभीर निर्जलीकरण से प्रभावित एक श्रद्धालु को बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस से सदर अस्पताल देवघर भेजा गया.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर रेलवे का विशेष फोकस
पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. चिकित्सा कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा में मदद मिल रही है.
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