Saraikela: चांडिल बहुउद्देशीय परियोजना में 44 वर्षों से लंबित मांगों को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज होगा. चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच ने सरकार को मांग-पत्र सौंपने और ग्रामीण संवाद यात्रा निकालने का फैसला लिया. बुधवार को चांडिल स्थित द गोल्डन रिसोर्ट, आईबी परिसर में चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की दूसरी बैठक हुई. बैठक में पुनर्वास, मुआवजा, भूमि अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहित मूलभूत सुविधाओं के लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई. मंच ने निर्णय लिया कि 7 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल जल संसाधन विभाग के सचिव और मंत्री हफीजुल हसन को मांग-पत्र सौंपेगा. 25 से 27 अगस्त तक ईचागढ़ के प्रभावित गांवों में ग्रामीण संवाद सह जागरूकता यात्रा निकाली जाएगी. वहीं 16 अगस्त को मंच की अगली बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी.
यह भी पढ़ें: सरकार ने छात्रों से बात करने के लिए बनाई उच्च स्तरीय कमेटी, अधिसूचना थोड़ी देर में होगी जारी

विस्थापित परिवारों से संवाद स्थापित किया जाएगा
बैठक में विभिन्न विस्थापित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. सभी ने सामूहिक नेतृत्व में सम्मानजनक पुनर्वास और अधिकार नहीं मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. ईचागढ़ प्रखंड से प्रारंभ होगी और चरणबद्ध तरीके से चांडिल डैम परियोजना से प्रभावित गांवों तक पहुंचेगी. यात्रा के दौरान विस्थापित परिवारों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का दस्तावेजीकरण किया जाएगा तथा उन्हें उनके संवैधानिक एवं पुनर्वास संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा. बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि चांडिल डैम परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों की समस्याएं समान हैं. इसलिए अब समय आ गया है कि सभी संगठन, गांव, जाति, राजनीतिक विचारधारा और सामाजिक समूह एक साझा मंच पर आकर संघर्ष को नई दिशा दें. वक्ताओं ने कहा कि जब तक विस्थापितों को सम्मानजनक पुनर्वास, भूमि का वैधानिक अधिकार, रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और मूलभूत नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इस बैठक में सरोज कुमार, सहदेव, गुरुचरण टुडू, सुरजीत कुमार यादव, मोहम्मद मकसूद आलम, हरे कृष्णा महतो, वीर सिंह सोरेन, चित्त दास, राजीव महतो, सागर महतो, डमन बास्के, रंजीत कुमार महतो, गाजूराम माझी सहित विभिन्न गांवों से आए विस्थापित प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकारी उपस्थित रहे.


