Ranchi: झारखंड की राजधानी स्थित ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार धरना और प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अब राज्य सरकार के साथ बातचीत के लिए अपनी सहमति दे दी है. मीडिया में दिए गए आधिकारिक बयानों में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे गतिरोध को खत्म करने और अपनी मांगों के समाधान के लिए सरकार से वार्ता की मेज पर बैठने को पूरी तरह तैयार हैं, हालांकि, बैठक किस स्थान पर आयोजित होगी और वार्ता का सही समय क्या होगा, इस संबंध में छात्रों को फिलहाल कोई औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है. इसके बावजूद छात्रों के रुख में आए इस बदलाव से वार्ता का मार्ग प्रशस्त होता दिखाई दे रहा है.
प्रतिनिधिमंडल के नामों पर मंथन जारी:
वार्ता की सहमति जताने के साथ ही छात्र आंदोलनकारी अपने बीच से एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल चुनने की प्रक्रिया में जुटे हैं. अभी तक यह अंतिम रूप से तय नहीं हो पाया है कि छात्रों की तरफ से सरकार से बातचीत करने के लिए कौन-कौन से प्रतिनिधि या छात्र नेता शामिल होंगे.

उच्च स्तरीय कमेटी के समक्ष रखी जाएंगी शर्तें:
इससे पूर्व राज्य सरकार ने आंदोलनरत छात्रों की चिंताओं को समझने और समाधान निकालने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है. माना जा रहा है कि छात्रों को वार्ता के दौरान इसी कमेटी के सदस्यों से सीधे रूबरू होना पड़ेगा. छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि वे कमेटी के सामने अपनी सभी प्रमुख मांग को स्पष्ट रूप से रखेंगे और यह बताएंगे कि किन शर्तों के पूरा होने पर ही वे अपने इस अनिश्चितकालीन आंदोलन व अनशन को समाप्त करेंगे.

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें:
– जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस व्यापक आंदोलन में छात्र मुख्य रूप से जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली व अनियमितताओं की जांच स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसियों (सीबीआई) से कराने
– विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार लागू करने की मांग कर रहे हैं. अब सभी की नजरें सरकार और छात्रों के बीच होने वाली आगामी बैठक पर टिकी हैं.

